राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। यूजीसी के समर्थन में एससी,एसटी के बैनर तले 16 फरवरी को रीवा में रैली निकली थी। रैली बगैर प्रशासनिक अनुमति के निकाली गयी थी। शहर मंे रैली की वजह से पांच घंटे यातायात प्रभावित हुआ था। जोश में आकर रैली निकालने वालों से कलेक्टर ने मौके पर आकर ज्ञापन नहीं लिया तो एक कुत्ते को ज्ञापन देकर कलेक्टेªड के अंदर कर दिया था। खूब हंगामा भी किया।अब पुलिस ने ऐसे तीन सौ लोगों को सीसीटीवी के जरिये चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है।

अफरा तफरी मच गयी
यूजीसी के समर्थन में रैली निकालने वालों की वजह से 16 फरवरी को पूरा रीवा शहर परेशान हुआ। कोई भी समय पर अपने गतंव्य तक नहीं पहुंचा सका। मरीज,एम्बूलेंश,पुलिस वाहन आम व्यक्ति और स्कूली बच्चे बेहद परेशान हुए।हर तरफ वाहन लंबी कतारों में फंसे रहने से लोगों को अफरा.तफरी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से सीधे चर्चा की मांग पर अड़ गए। अपर कलेक्टर सपना तिवारी और एसडीएम अनुराग तिवारी ने रैली वालों से आकर ज्ञापन देने को कहा। लेकिन वो अपने बात पर अड़ गए कि कलेक्टर को ही ज्ञापन देंगे। अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने कहा भी कि यदि कलेक्टर को ही ज्ञापन देना है तो पांच व्यक्ति कमिश्नर कार्यालय मंे जाकर दे सकते हैं। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक समझाइश के बावजूद भी अपनी बात पर अड़े रहे और हंगामा किया। नारे बाजी की।

बगैर अनुमति के प्रदर्शन किया
आज मंगलवार को पुलिस ने 300 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर उनके नाम पुलिस वीडियो रिकार्डिंग के आधार पर उन्हें चिन्हित कर रही है।सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की वजह से 16 फरवरी का स्थिति गंभीर हो गयी थी। बगैर अनुमति के रैली निकालना वैसे भी अपराध है। उपद्रवियों की पहचान कर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।