राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाने की पुलिस ने ठगी के एक मामले में आरोपियों से 55 लाख रुपए नगद और दस लाख रुपए के सोने चांदी के कुछ गहने बरामद किये थे।जिसे रखने के लिए मालखाने के इंचार्ज राजीव पंद्रे को दे दिया गया था।मालखाने का इंचार्ज इन सारे रुपयों को जुए में हार गया। इसका खुलासा तब हुआ जब फरियादी थाने में अपना पैसा और गहने लेने पहुंचा।

मालखाने से सारे पैसे गायब
मालखाने में 55 लाख रुपए और दस लाख रुपए के गहने गायब मिले।इस बारे में मालखाने के प्रभारी राजीव पंद्रे से पूछताछ की गयी। उसने बताया कि वो सारे रुपए जुए में हार गया। बालाघाट आईजी संजय कुमार ने इस मामले की पुष्टि है।
खुदकुशी करने का प्रयास
महिला फरियादी को कोर्ट से आदेश मिला कि वो अपने गहने और पैसे थाने से ले सकते है। महिला कोतवाली में अपने पैसे और गहने लेने टीआई से संपर्क किया। टीआई ने मालखाना इंचार्ज राजीव पंद्रे को रुपए लाने को कहा। चूंकि पैसे को खुदबुर्द कर चुका था। इसलिए वह मालखाने का भीतर से गेट बंद करके पंखे से लटकने की कोशिश किया।लेकिन उसे बचा लिया गया।
जुआ खेलने गोंदिया,सिवनी जाता था
पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि हेड कान्स्टेबल राजीव पंद्रे जुआ खेलने का शौकीन है। जुआ खेलने के लिए वह अक्सर महाराष्ट्र के गोंदिया और पड़ोसी जिले सिवनी तक जाया करता था।प्रआर पंद्रे पिछले दो साल से मालखाने की सुरक्षा संभाल रहा है। मालखाने की चाबी उसी के पास रहती है। यहां अलग-अलग अपराधों में विवेचना के बाद बरामद/जब्त की गई राशि, जेवर रखे जाते हैं। प्रआर पंद्रे लंबे समय से जब्ती की राशि पार कर रहा था। पुलिस प्रधान आरक्षक से पूछताछ कर रही है। मालखाना सहित कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं
बीस लाख रुपए रिकवर
हेड कान्स्टेबल से हुई पूछताछ के बाद 20 लाख रुपए से ज्यादा राशि बरामद हो चुकी है। अभी उसके और भी ठिकानों पर पुलिस जांच कर रही है।पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि हेड कान्स्टेबल राजीव पंद्रे पहले भी मालखाने की राशि को अपने इस्तेमाल में लेता रहा है। उससे पूछताछ चल रही है। हालांकि एसपी आदित्य मिश्रा और टीआई विजय राजपूत इस मामले में कुछ भी बचाने से बच रहे हैं। समझा रहा है कि आरोपी हेड कान्सटेबल से उक्त राशि देने को कहा गया है।

आदित्य मिश्रा जिम्मेदार
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने 84 लाख रुपए से अधिक राशि गायब एवं चोरी होने के गंभीर मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होने कहा कि पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने जून 2025 को याने लगभग 4 माह पूर्व पदभार ग्रहण किया है। जब भी कोई पुलिस अधीक्षक किसी भी जिले में पदभार ग्रहण करता है तो सबसे पहले जिले के सभी पुलिस थानों का बकायदा नियमानुसार निरीक्षण करता है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने पुलिस थाना कोतवाली के निरीक्षण टीप में क्या देखा और निरीक्षण टीप में क्या लिखा गया है। निरीक्षण में पुलिस थाने के मालखाने में कितनी राशि है या नही है? क्या उन्होने यह नहीं देखा..!
जाँच भी आज तक नहीं की गई
मुंजारे ने यह भी आरोप लगाया कि मई 2022 में बालाघाट जिले के लॉजी, बोलेगाँव हजारों करोड़ रुपए के डबलमनी काण्ड में भी वर्तमान एस.पी. आदित्य मिश्रा नक्सल सेल बैहर में एडिशनल एस.पी. बालाघाट में पदस्थ था और छापा मारने वाली टीम का इंचार्ज था और बोलेगाँव में सोमेन्द्र कंकराने के घर से छापा मारकर लगभग 150 करोड़ रुपए जप्त किये गये, लेकिन सिर्फ 10 करोड़ रुपये की जप्ती बताई गई थी। नोटो की जप्ती के समय सी.सी.टी.व्ही. कैमरे तोड़ दिये गये थे तथा नोटो की जप्ती की वीडियोग्राफी नही की गई थी। पंचनामा भी नही बनाया गया था। जहां शेष करोड़ो रुपए हेरा-फेरी कर बंदरबाँट कर लिया गया। इसकी जाँच भी आज तक नहीं की गई।