This is the reality of our time in bazam a hayat Archives - rashtrmat.com

हमारे समय की हकीकत है बज़्म-ए-हयात

पत्रकार रमेश कुमार‘रिपु’ की ग़ज़लों में अपने समय के हकीकत की वजह से तकरार और इसरार…