मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई पर डिप्टी CM हाय- हाय के नारे लगे - rashtrmat.com

मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई पर डिप्टी CM हाय- हाय के नारे लगे

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। संभागीय मुख्यालय रीवा में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों में आज सोमवार को नाराजगी देखी गयी।शहरभर के मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान दर्जनभर मेडिकल दुकानें अनियमितताओं के चलते सील कर दी गईं। जबकि कई संचालकों ने डर के कारण चेकिंग से पहले ही अपनी दुकानों के शटर गिरा दिये। और प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतर गए।

जबरिया तंग करने का आरोप
मेडिकल स्टोर्स के संचालकों का कहना था कि नकली दवा के बाहने प्रशासन मेडिकल स्टोर्स को जबरिया तंग कर रहा है। अपना दबाव बना रहा है। आज कुछ मेडिकल स्टोर्स बंद हुए हैं यदि प्रशासन अपनी तुगलकी कार्रवाई बंद नहीं किया तो जिले भर के मेडिकल स्टोर्स बंद कर दिये जाएंगे।
डिप्टी CM के खिलाफ नारे लगे
मध्यप्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन के जोनल सेक्रेटरी सतीष मिश्रा के नेतृत्व में डिप्टी सीएम हाय -हाय,जिला प्रशासन हाय हाय के नारे के साथ प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया गया।आज कई मेडिलक स्टोर्स प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में बंद रहे।आने वाले समय मे जिले भर के मेडिकल स्टोर्स बंद करने की चेतावनी दी गयी।


प्रशासनिक दबाव अनुचित
मध्यप्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन के जोनल सेक्रेटरी सतीष मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा सभी मेडिकल स्टोरों पर दबिश दी जा रही है जबकि संचालक नियमों के तहत अपनी दुकानें चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव बनाकर मेडिकल संचालकों को परेशान किया जा रहा है।
जिले भर की दुकानें बंद होगी
नीलम मेडिकल स्टोर्स के संचालक सतीश मिश्रा ने कहा कि हम सभी नियमों का पालन करते हुए मेडिकल स्टोर संचालित कर रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी मेडिकल संचालकों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए सेवाएं दी थीं। लेकिन अब प्रशासन द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। मजबूरन सभी मेडिकल स्टोर बंद करने पड़े हैं और अब जिले भर में भी दुकानों को बंद किया जाएगा। वहीं कई मेडिकल स्टार्स के संचालकों का कहना था कि भयभीत किये जाने का यह कार्रवाई जनहित में नहीं है।
कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई
तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर सतत रूप से मेडिकल स्टोर की जांच की जा रही है। जहां यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर दुकान में फार्मासिस्ट है या नहीं। इसके साथ ही दवाओं की गुणवत्ता और अमानक या एक्सपायरी दवाओं के संबंध में भी पड़ताल की जा रही है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच की जा रही है ताकि किसी तरह की अनियमितता न रहे। उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और मानक दवाएं उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में सिरमौर चैक स्थित कमल स्टोर पर भी संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की गई है।


चेकिग के डर से शटर गिरा दिये
जानकारी के मुताबिक बिना फार्मासिस्ट और रजिस्ट्रेशन ही कई मेडिकल दुकानें चल रही हैं। जहां से एक्सपायरी दवाएं भी बरामद की गई हैं। नीलम मेडिकल स्टोर्स में एक डिब्बे में रखी हुई थी। नकली और मिलावटी दवाईयों से संबंधित गड़बड़ी भी पाई गई हैं। प्रशासन लगातार कार्यवाही कर रहा है। कई मेंडिकल स्टोर्स चेकिंग से पहले ही शटर गिराते देखे गए।