राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)। जिले में धान उपार्जन 1 दिसंबर से शुरू हो चुका है, लेकिन राइस मिलर्स ने अब तक मिलिंग के लिए अनुबंध नहीं किया है। मिलर्स ने स्पष्ट किया है कि पिछले दो सालों की बकाया राशि का भुगतान न होने तक वे मिलिंग का कार्य शुरू नहीं करेंगे।प्रशासन ने शासन के निर्देश पर सख्ती दिखाते हुए मिलिंग के भौतिक सत्यापन के साथ ही अनुबंध न करने वाले मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अनुबंध करने में परेशानी
समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग को लेकर कलेक्टर मृणाल मीना ने 02 जनवरी को जिले के राईस मिलर्स से चर्चा की। बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी आरके ठाकुर भी उपस्थित थे। बैठक में राईस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग के संबंध में अपनी परेशानियों से कलेक्टर को अवगत कराया और बताया कि उन्हें वर्ष 2023-24 की अपग्रेडेशन राशि का भुगतान नही हुआ है। इसी प्रकार वर्ष 2024-25 की अपग्रेडेशन राशि के संबंध में कोई निर्देश जारी नही किये गए है, जिसके कारण राईस मिलर्स को धान की कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंध करने में परेशानी हो रही है।
मिलिंग के लिए शीघ्र अनुबंध करे-कलेक्टर
कलेक्टर श्री मीना ने बैठक में राईस मिलर्स द्वारा उठाई गई समस्याओं पर कहा कि इस संबंध में शासन को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने राईस मिलर्स से कहा कि वे धान की कस्टम मिलिंग के लिए शीघ्र अनुबंध करे, जिला प्रशासन उन्हें शासन के नियमों के तहत हर संभव मदद करेगा। जिले में उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग जिले के मिलर्स को ही करना होगा। अत: वे इस कार्य में अनावश्यक विलंब न करें।

मिलिंग नहीं की जाएगी
शुक्रवार को मिलर्स तीसरी बार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से वर्ष 2023-2024 और 2024-2025 में हुई मिलिंग, परिवहन और बारदाने की करोड़ों रुपए की बकाया राशि के भुगतान की मांग की।जिला राइस मिल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आनंद ठाकरे ने कहा कि यदि मिलिंग की बकाया राशि नहीं मिलेगी, तो वे मिल नहीं चला सकते। उन्होंने बढ़ती मजदूरी और बिजली दरों का हवाला दिया। प्रशासन द्वारा अनुबंध न करने वाले राइस मिलर्स की भौतिक जांच की जा रही है, जिसके बाद उन्होंने बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने दोहराया कि जब तक यह राशि नहीं मिलेगी, मिलिंग नहीं की जाएगी।