UGC के समर्थन में रैली निकाली,कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर कलेक्ट्रेड में छोड़ा - rashtrmat.com

UGC के समर्थन में रैली निकाली,कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर कलेक्ट्रेड में छोड़ा

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। ओबीसी और एससी-एसटी बैनर तले यूजीसी के समर्थन में रैली निकाली।बगैर प्रशासनिक अनुमति के शहर में रैली निकाल कर यातायात व्यवस्था में बाधा डाला। वहीं प्रदर्शनकारी जब कलेक्ट्रेड पहुंचे तो जिद पर अड़े रहे कि कलेक्टर आकर ज्ञापन लें। अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने कहा कि कलेक्टर को ही ज्ञापन देना है तो पांच व्यक्ति कमिश्नर कार्यालय जाकर ज्ञापन दे सकते हैं। इस पर प्रदर्शनकारी उनकी बातों को दरकिनार कर दिया। कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर कलेक्ट्रेड में छोड़ा। अब प्रशासन उनकी इस हरकत पर कार्रवाई करने जा रहा है।

विधि-संगत कार्रवाई के संकेत

रीवा में ओबीसी और एससी-एसटी संयुक्त मोर्चे के बैनर तले निकाली गई रैली उस समय विवादों में घिर गई जब प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में कथित रूप से एक आवारा कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर उसे अंदर छोड़ दिया। लगभग चार से पांच घंटे तक चले हंगामे के दौरान प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए मौजूद रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी केवल कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे। घटना के बाद जिला प्रशासन ने इसे अनुचित और आपत्तिजनक बताते हुए विधि-संगत कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

यूजीसी के समर्थन में रैली  

जानकारी के अनुसार, यूजीसी से जुड़े मुद्दों के समर्थन में ओबीसी और एससी-एसटी संयुक्त मोर्चे ने शहर में रैली निकाली। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपने की तैयारी की। हालांकि, मौके पर कलेक्टर के उपस्थित न होने के कारण प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। प्रशासन की ओर से एडीएम और एसडीएम मौके पर मौजूद थे और वे ज्ञापन लेने के लिए तैयार थे, लेकिन प्रदर्शनकारी केवल कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े रहे।

नारेबाजी और टकराव की स्थिति

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में करीब चार से पांच घंटे तक हगामा चलता रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति तब और विवादास्पद हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने एक आवारा कुत्ते को पकड़कर उसके गले में ज्ञापन बांधा और उसे कलेक्ट्रेट परिसर के अदर छोड़ दिया इस हरकत को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई ।

रैली के लिए अनुमति नहीं ली गई

अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कलेक्टर संभाग आयुक्त के साथ एक बैठक में व्यस्त थीं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं और उनके अधीनस्थ अधिकारी मौके पर मौजूद थे और ज्ञापन लेने के लिए तैयार थे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शनकारी कलेक्टर को ही ज्ञापन देना चाहते थे, तो पांच लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंप सकता था। अपर कलेक्टर के अनुसार, रैली और ज्ञापन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विधि-संगत कार्रवाई की जाएगी।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

जिला प्रशासन अब पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह देखा जा रहा है कि किन-किन लोगों की भूमिका रही। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।