राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी.अधिकारी फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29, 30 और 31 दिसंबर को काम बंद कलम बंद आंदोलन का ऐलान किया है। नवा रायपुर में हुई बैठक में रणनीति तय की गई। डीए वेतन विसंगति और दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में कर्मचारी एकजुट नजर आए।छत्तीसगढ़ में एक बार फिर शासकीय कर्मचारी और अधिकारी अपने हक की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी.अधिकारी फेडरेशन के तत्वाधान में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रस्तावित काम बंद.कलम बंदश् आंदोलन को सफल बनाने के लिए नवा रायपुर में फेडरेशन जिला शाखा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन की रूपरेखाए रणनीति और सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
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काम बंद कलम बंद आंदोलन
बैठक में प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से एकजुट होकर 29, 30 और 31 दिसंबर को नवा रायपुर स्थित समस्त शासकीय कार्यालयों में काम बंद कलम बंद आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। बैठक में उपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों ने सर्वसम्मति से आंदोलन में शामिल होने का भरोसा जताया।
सरकारी उपेक्षा से नाराज कर्मचारी
फेडरेशन का कहना है कि सरकार की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। धान खरीदी व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों पर कार्रवाई एफआईआर और गिरफ्तारी जैसे मामलों से कर्मचारियों में आक्रोश है। फेडरेशन ने इसे दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संयोजक कमल वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक विभाग का नहींए बल्कि पूरे कर्मचारी वर्ग की आवाज है।