राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित अन्य किसी भी राज्य के टाइगर रिजर्व में अब पर्यटक मोबइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने टी.एन. गोडावर्मन बनाम यूनियन ऑफ इडिंया एंड अदर्स के प्रकरण में 17 नवम्बर 2025 के मामले में कहा है कि जंगल मनारंजन के क्षेत्र नहीं हैं। मोबाइल की रिंगटोन और फोटाग्राफी आदि से वन्य जीवों पर विपरीत असर पड़ता है। इस संबंध में मध्यप्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव शुभरंजन सेन ने समस्त क्षेत्र संचालकों को निर्देश जारी किया गया है।

मोबाइल फोन की अनुमति नहीं
आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश के बिन्दु क्रमांक 48.5 के तहत टाइगर रिजर्व के कोर हैबिटेट के पर्यटन क्षेत्रों में मोबाइल फोन के उपयोग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कार्यालय को अवगत कराया जाए। वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षणवादियों के अनुसार टाइगर रिजर्व के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग कई तरह से वन्यजीवों के लिए घातक सिद्ध हो रहा था।
जंगल मनोरंजन के लिए नहीं
सफारी के दौरान मोबाइल से फोटो और वीडियो लेने की होड़, रिंगटोन की आवाजें? काॅल पर बातचीत और सोशल मीडिया के लिए लाइव वीडियो जैसे कृत्य जंगल के वातावरण को बाधित कर रहे थे। इससे न केवल बाघ बल्कि अन्य वन्य प्राणी भी तनाव में आ रहे थे और उनका स्वाभाविक व्यवहार प्रभावित हो रहा था। जिसके गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व का कोर क्षेत्र में प्रवेश केवल संरक्षण के उद्देश्य से होता है,ना कि मनोरंजन या दिखावे के लिए। पर्यटन की अनुमति भी सीमित और नियंत्रित रूप में दी जाती है ताकि वन्यजीवों को न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप का सामना करना पड़े।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला जायज
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि मोबाइल प्रतिबंध से शुरूआती दौर में पर्यटकों को असुविधा हो सकती है क्योंकि आज के दौर में अधिकांश लोग मोबाइल से ही फोटो और वीडियो लेना चाहते हैं। हालांकि संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम लंबे समय में पर्यटन की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा।
सभी टाइगर रिजर्व में प्रतिबंधित
मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट कहा जाता है। यहां कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना, संजय.डुबरी, वीरांगना दुर्गावती और रातापानी जैसे कई प्रमुख टाइगर रिजर्व स्थित हैं। इन सभी रिजर्व के कोर पर्यटन जोन में अब मोबाइल फोन ले जाना और उसका उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह आदेश केवल पर्यटकों पर ही नहीं बल्कि सफारी गाइड ड्राइवर और अन्य संबंधित स्टाफ पर भी समान रूप से लागू होगा। किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।