राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 अक्टूबर को दो अलग-अलग घटनाओं में दो मादा और एक नर बाघ की मौत हो गयी। वहीं मुण्डीदादर बीट के कक्ष क्रमांक 119 वन परिक्षेत्र कान्हा में 2 मादा बाघ शावकों की मौत हुई। स्थानीय हाथी गश्ती दल के अनुसार शावकों की मृत्यु नर बाघ के हमले के कारण हुई प्रतीत होती है। घटना स्थल को सुरक्षित कर डाग स्क्वाड की सहायता से छानबीन की गई और पोस्टमार्टम के बाद शवदाह किया गया।

एक बाघ ने दूसरे की जान ले लिया
मवाला बीट के कक्ष क्रमांक 164 में एक नर बाघ की मौत हुई। गश्ती दल ने प्रत्यक्ष रूप से एक नर बाघ पर दूसरे बाघ द्वारा हमला करते हुए देखा गया। इस हमले में एक नर बाघा की मौत हो गयी। शवदाह भस्मीकरण की कार्यवाही क्षेत्र संचालक उपसंचालक, सहायक संचालक और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। एनटीसीए नई दिल्ली के जारी दिशा निदेर्शों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

दोनों घटनाओं में एनटीसी नई दिल्ली और कार्यालय मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश भोपाल के दिशा-निदेर्शों के अनुसार त्वरित कार्यवाही की गई। क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी के निर्देशन में वन विभाग घटनाओं की जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम डाॅ संदीप अग्रवाल वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और डाॅ आशीष वैध पशु चिकित्सक ने किया।