झीरम घाटी हमले में शामिल था 62 लाख का इनामी नक्सली कबीर - rashtrmat.com

झीरम घाटी हमले में शामिल था 62 लाख का इनामी नक्सली कबीर

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के सुकमा की झीरम घाटी में 2013 में हुए सबसे बड़े माओवादी हमले में मारे गए कांग्रेसी नेताओं सहित 32 लोगों की हत्या में सुरेंद्र उर्फ कबीर के हाथ भी खून से रंगे थे। कबीर वही 62 लाख का इनामी माओवादी है, जिसने 7 दिसंबर को बालाघाट पुलिस के सामने सरेंडर किया है।


झीरम की साजिश सांईनाथ ने रची
पूछताछ में कबीर ने पुलिस को बताया है कि तब सरकार बड़ी संख्या में जंगलों के अंदर सुरक्षाबलों के जवान भेज रही थी।दमनकारी नीतियों और सलवा जुडूम के खिलाफ माओवादियों का असली निशान कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा थे, लेकिन इस हत्याकांड में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रमुख नंदकुमार पटेल सहित कुल 32 लोगों की हत्या कर दी गई।कबीर ने बताया कि सलवा जुडूम के कारण 600 गांव हमारे विरोध में आ गए थे। खास बात है कि झीरम घाटी हत्याकांड की पूरी साजिश उसी चैतू उर्फ श्याम दादा सांईनाथ माओवादी ने रची थी। जिसने 28 नवंबर को छग के जगदलपुर में सरेंडर किया है। इस साजिश में हिड़मा भी शामिल था, जो आंध्रप्रदेश के मारेदुमिल्ली के जंगल में 20 नवंबर को हुई मुठभेड़ में मारा गया है।
राशन सामग्री छोड़कर भागे
वहीं छग के खैरागढ़ में 8 दिसंबर को सरेंडर करने वाले एक करोड़ पांच लाख का इनामी माओवादी रामधेर मज्जी ने भी वहां की पुलिस को कई खुलासे किए हैं।29 नवंबर को बालाघाट खैरागढ़ बार्डर पर हुई मुठभेड़ में शामिल रामधेर ने बताया कि मुठभेड़ के बाद बड़ी मात्रा में राशन सामग्री छोड़कर भागना पड़ा था। वह और उसके साथी दो दिन से भूखे थे।उनके पास समर्पण के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।