राष्ट्रमत न्यूज,रायगढ़(ब्यूरो)। महिला पुलिसकर्मी से अभ्रदतार के जिस मामले ने जिले की कानून.व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किये। उसमें अब एक अहम और चैंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस संवेदनशील प्रकरण का मुख्य आरोपी चित्रसेन साव साहू निवासी ग्राम पंचायत झरना, कोई राहगीर या अस्थायी मजदूर नहीं, बल्कि जिंदल कोलवासरी सीएचपी का स्थाई कर्मचारी बताया जा रहा है।ग्रामीण यह इंतजार कर रहे हैं कि पुलिस अन्य आरोपियों के जरिये क्या उन लोगों का नाम भी खुलासा करेगी,जिनके कहने पर महिला पुलिस कर्मी से अभद्रता करके आंदोलन की दिशा बदलने के लिए यह सब किया गया।

अभद्रता करने का दुस्साहस
घटना के सामने आने के बाद शुरू हुई जांच में यह तथ्य उजागर होते ही प्रशासनिक और औद्योगिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सवाल केवल एक महिला पुलिसकर्मी से की गयी अभद्रता का नहीं है, बल्कि उस मानसिकता का है, जिसमें वर्दी पहनकर ड्यूटी कर रही महिला के साथ अभद्रता करने का दुस्साहस किया गया।
गंभीर मुद्दा बन गया है
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान आरोपी का व्यवहार आक्रामक और अपमानजनक था। महिला पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही थीं। लेकिन आरोपी ने न सिर्फ मर्यादा की सीमा लांघी, बल्कि पुलिस की मौजूदगी को भी चुनौती देने की कोशिश की। यही वजह है कि यह मामला अब सामान्य आपराधिक घटना से आगे बढ़कर महिला सुरक्षा और पुलिस सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।

रसूख के इशारे पर घिनौना जुर्म
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी का बड़े औद्योगिक संस्थान में स्थाई कर्मचारी होना, उसके हौसले बढ़ाने का कारण हो सकता है। क्षेत्र में पहले भी यह चर्चा रही है कि कुछ प्रभावशाली लोगों को कानून का भय कम और रसूख का भरोसा ज्यादा रहता है। आरोपी बगैर किसी बड़े रसूख के इशारे के ऐसा अपराध नहीं कर सकता। इतना तो जानता है कि महिला पुलिस के साथ जो करने जा रहा है,वो कितना बड़ा अपराध है।
महिलापुलिस सुरक्षित नहीं
इधर महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि जब वर्दी में तैनात महिला सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कठोरतम धाराओं में कार्रवाई और औद्योगिक प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

अब तक छह आरोपी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी चित्रसेन की गिरफ्तारी के साथ ही छह अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं एक अरोपी फरार है।गिरफ्तार आरोपियों में मंगल राठिया, निवासी ग्राम आमगांव, चिनेश खमारी निवासी ग्राम आमगांव, प्रेमसिंह राठिया, निवासी ग्राम आमगांव कीर्ति श्रीवास, निवासी ग्राम आमगांव तथा वनमाली राठिया, निवासी ग्राम झरना शामिल हैं।
प्रशासन पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।आरोपियों के जरिये यह पता कर रही है कि कंपनी के किस व्यक्ति के कहने पर आरोपियों से ऐसा करके शांति पूर्वक चल रहे आंदोलन को दूसरी दिशा देने का प्रयास किया गया।जनता यह जानना चाहती है कि महिला पुलिस के साथ ऐसी अभद्रता करने के पीछे पुलिस अपनी जांच में क्या पता करके खुलासा करती है। वैसे ग्रामीण हर बात को समझ गए है।