नक्सलियों के खात्मे के लिए बना मास्टर प्लान,जंगल में खुलेगा आधा दर्जन पुलिस कैंप - rashtrmat.com

नक्सलियों के खात्मे के लिए बना मास्टर प्लान,जंगल में खुलेगा आधा दर्जन पुलिस कैंप

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले को नक्सल मुक्त करने पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मास्टर प्लान किया है। अब जंगल के उन क्षेत्रों में सुरक्षा बल के जवान उतरेंगे जहां कभी नक्सलियों के कैंप रहता था। माओवादी दलम सक्रिय थे। इनमें कान्हा, परसवाड़ा, मलाजखंड,दर्रेकसा दलम जैसे जंगल क्षेत्र हैं। जंगल में आधा दर्जन से अधिक नये पुलिस कैंप खोले जा रहे हैं। नक्सली जंगलों का सेनेटाइज करने दो हजार से अधिक जवान उतरेंगें। दीपक और उसके साथी यानी गिनती के नक्सली रह गए हैं। इस आॅपरेशन को स्केनिंग नाम दिया गया है।15 जनवरी तक जवान कान्हा के जंगल,चैरिया, माताघाट, पचामादादर, परसवाड़ा क्षेत्र के जंगलों को सेनेटाइज करेंगे।

 माओ की मदद अब कठिन
इस मिशन के तहत पुलिस अब माओवादियों का सहयोग तंत्र तोड़ेगी। यानी गांवों से लेकर शहर में माओवादियों का सहयोग करने वाले ग्रामीण, ठेकेदार को स्केन करेगी। पुलिस सरेंडर माओवादियों से पूछताछ में ऐसे सहयोगियों की जानकारी एकत्र कर रही है। इसके अलावा माओवादियों की वित्तीय सहयोग करने वाले लोग, संस्था आदि पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। वित्तीय सहयोग ध्वस्त करने के लिए माओवादियों को मजबूती देने वाले ऐसे लोगों को चिन्हित कर पुलिस अब कठोर कार्रवाई करेगी। माओवादियों को आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से पहले राशनपानी के रूप से सहयोग मिलता था लेकिन अर्बन नेटवर्क के जरिए माओवादियों को वित्तीय सहयोग, गोपनीय सूचना जैसी मदद मिलती रही है। ये नेटवर्क भी खत्म होगा।


जंगलों में कैंप का निमार्ण शुरू
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि बालाघाट में माओवाद अंत के बेहद करीब है। माओवाद जल्द इतिहास बनने वाला है लेकिन पुलिस और सुरक्षाबलों का सर्चिंग अभियान जारी रहेगा। पुलिस कैंप के माध्यम से बालाघाट के जंगल से माओवादी प्रभुत्व को पूरी तरह समाप्त करेगी। इसके लिए पालागोंदी,वारदा लांजी और चैरिया में नए कैंप खोले जा रहे हैं। पालागोंदी में कैंप का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। पुलिस आने वाले दिनों में और छह नए कैंप खोलेगी। इस तरह जिलेभर में कुल 63 कैंप हैं।


दो हजार से ज्यादा जवान जंगल में
पुलिस ने हाल ही में 20 अलग-अलग जंगल क्षेत्र में 20 नए बेस कैंप शुरू किए हैं। पुलिस इन बेस कैंप को लान्च पैड की तर्ज पर इस्तेमाल करेगी। इन्हीं कैंप से किसी मुठभेड़ की स्थिति में सुरक्षाबल के जवान त्वरित एक्शन लेकर मोर्चा संभालेंगे। खास बात है कि इन कैंप में सुरक्षाबल के जवानों के साथ 500 से अधिक जिला पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। वर्तमान में जिलेभर के जंगलों में हाकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा, जिला बल के कुल 2280 जवान सघन सर्चिंग कर रहे हैं।