राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया, जहां शहीद जवानों और जनशहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर शहीद सुखलाल उईके की पत्नी जीराबाई ने अपने शिक्षित बेटों के लिए नौकरी की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपा।कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने 01 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 की अवधि में सम्पूर्ण भारत वर्ष में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 191 जवानों की सूची का वाचन किया।

बालाघाट से अब तक 104 जवान शहीद
कार्यक्रम में बालाघाट जिले के शहीद जवानों के परिजनों का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख क्षेत्र में चीनी हमले में सुरक्षा बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। तब से हर वर्ष 21 अक्टूबर को देश में पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन कर सीआरपीएफ, बीएसएफ, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इस कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष की अवधि में देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों की सूची का वाचन किया जाता है। बालाघाट जिले के अब तक 104 जवान शहीद हुए हैं। इसमें 70 जवान बालाघाट जिले में और 34 जवान अन्य राज्यों व जिलों में शहीद हुए हैं।

विशेष भर्ती में अवसर नहीं मिला
शहीद सुखलाल उईके की पत्नी जीराबाई ने बताया कि उनके बेटों को हाल ही में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के लिए हुई विशेष भर्ती में अवसर नहीं मिला। अन्य शहीद पुलिस जवानों के परिवारों ने भी पेंशन और अन्य समस्याओं पर चर्चा की। यह आयोजन 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन में पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

शहीद हुए 191 जवानों की सूची का वाचन
कार्यक्रम में शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों का सम्मान किया गया।पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने पिछले एक वर्ष में देश भर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 191 जवानों की सूची का वाचन किया। इनमें बालाघाट जिले के 70 जवान और अन्य राज्यों व जिलों के 34 जवान शामिल थे।उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख क्षेत्र में चीनी हमले में सुरक्षा बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। तब से हर वर्ष 21 अक्टूबर को देश में पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन कर सीआरपीएफ, बीएसएफ, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

हरसंभव मदद का आश्वासन
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि आम जनता से पुलिस को सहयोग करने वालों को सरकार की नीति के तहत समय-समय पर लाभान्वित किया जाता है। उन्होंने जीराबाई के आवेदन को स्वीकार करते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। एसपी ने शहीद पुलिस जवानों के परिवारों के लिए एक सहायता सेल बनाने की भी जानकारी दी, जिसके माध्यम से उनकी समस्याओं को जानकर उनका निराकरण किया जाएगा।