राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में खुलासा किया है कि कई आरएसएस और बीजेपी के नेता ISIS के निशाने पर हैं।शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। स्पेशल सेल ने दावा किया है कि आरएसएस और बीजेपी के कई शीर्ष नेताओं की हत्या की चर्चा की थी।

स्पेशल सेल ने दावा किया
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दावा किया है कि इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो संदिग्ध ऑपरेटिव और उनके तीन साथी विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाइक और पाकिस्तान स्थित धर्मगुरुओं मौलाना तारिक मसूद, मौलाना तारिक जमील, डॉ इसरार अहमद और इंजीनियर मोहम्मद अली मिर्जा के कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित थे और कई नेताओं पर हमले की योजना बना रहे थे।
आरोप पत्र में किसके नाम हैं
अधिकारी ने कहा कि आरोपपत्र में जिनके नाम हैं उनमें झारखंड के बोकारो का मूल निवासी 23 वर्षीय अशहर दानिश, महाराष्ट्र के कल्याण का 25 वर्षीय आफताब नासिर कुरेशी और ठाणे का 20 वर्षीय सुफियान अबुबकर खान शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के राजगढ़ के 27 वर्षीय कामरान कुरेशी उर्फ समर खान, 20 वर्षीय मोहम्मद हुजैफ यमन के नाम भी आरोपपत्र में हैं। पिछले साल स्पेशल सेल ने दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में तलाशी अभियान के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

राम राज्य अखंड भारत नाम से एक ग्रुप
अधिकारी ने बताया, “गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक अशहर दानिश ने पकड़े जाने से बचने के लिए राम राज्य अखंड भारत नाम से एक ग्रुप बनाया। उसने सिग्नल ऐप पर ‘सीईओ कंपनी’ नाम से एक ग्रुप भी बनाया। 9 सितंबर 2025 को पुलिस ने सबसे पहले दिल्ली से आफताब नासिर कुरैशी और सूफियान अबूबकर खान को गिरफ्तार किया। बाद में छापेमारी की गई और तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया।
राजस्थान सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश
अधिकारी के अनुसार, अशहर दानिश ने इंस्टाग्राम पर डॉ इसरार अहमद के एक वीडियो पर टिप्पणी करने के बाद लाहौर, पाकिस्तान के हसन भट्टी उर्फ हसन मुजाहिदीन से संपर्क किया। अधिकारी ने आगे बताया, “भट्टी ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों से संबंधित कई वीडियो भी उनके साथ शेयर किए थे और उन्हें यह भी बताया था कि वह अपने 200-500 साथियों की मदद से गजवा के नाम पर भारतीय सरकार के खिलाफ लड़ने के लिए राजस्थान सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करेगा।”
NGO बनाने की योजना बनाई थी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, उनकी जांच में पता चला है कि अशहर दानिश और कामरान कुरैशी ने चंदा जुटाने के लिए ‘मशरिक’ नाम से एक एनजीओ बनाने की योजना बनाई थी। अधिकारी ने बताया, “उन्होंने एनजीओ के माध्यम से धन जुटाने, हथियार जमा करने और हथियार बनाने के कारखाने स्थापित करने का फैसला किया था।”