राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल में इसी साल विधान सभा के चुनाव हैं। और केन्द्र सरकर अपनी रणनीति में लग गयी। उसने ईडी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। आज बंगाल में अजीबोगरीब और संवैधानिक संकट वाली स्थिति पैदा हो गई है। आम तौर पर ईडी लोगों के दरवाजे पर दस्तक देती है, लेकिन कोलकाता में पासा पलट गया है। यहां ईडी के अफसरों के खिलाफ ही 2 FIR दर्ज करा दी गई है। I-PAC चीफ प्रतीक जैन के परिवार ने आरोप लगाया है कि ईडी के अफसर रेड की आड़ में उनके प्राइवेट डाक्यूमेंट चुराकर ले गए,तो ममता बनर्जी का आरोप है कि डेटा चोरी किया गया है। दूसरी ओर टीएमसी ने भी एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें लोगों को परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या राज्य की पुलिस केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है। क्या ईडी के अफसरों को गिरफ्तार किया जा सकता है। अगर ममता यह सिद्ध करने में सफल हो जाती है कि ईडी डेटा चोरी की है तो ईडी के अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 14 जनवरी को है।

ED की याचिका हाई कोर्ट ने टाली
पश्चिम बंगाल में TMC के IT सेल के चीफ के ठिकानों पर गुरुवार को हुई ईडी रेड के विरोध में TMC दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर दो FIR भी दर्ज कराई है। उन्होंने कोलकाता में मार्च भी निकाला।इधर कोलकाता हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और हंगामे की वजह से ED की याचिका पर सुनवाई टाल दी है। याचिका में ममता बनर्जी के खिलाफ छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप करने के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।

ममता ने ED के खिलाफ 2 FIR दर्ज कराई
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ईडी के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराई। ये शिकायतें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई छापों से जुड़ी हैं। इन शिकायतों के आधार पर कोलकाता और बिधाननगर पुलिस ने FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी।
TMC सांसदों का दिल्ली में प्रदर्शन
इससे पहले शुक्रवार सुबह पार्टी के 8 सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। डेरेक ओ ब्रॉयन, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई, कुछ सांसद गिर भी गए। पुलिस ने सांसदों को सुबह 10 बजे हिरासत में लिया और दोपहर 12 बजे छोड़ा।इस कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने X पर लिखा- गृह मंत्री के दफ्तर के बाहर विरोध करना, हमारे चुने हुए प्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्हें सड़कों पर घसीटना कानून का पालन नहीं है, बल्कि यह पुलिस की घमंड दिखाने की कोशिश है।

सुनवाई 14 जनवरी तक टली
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोर्टरूम में बेकाबू भीड़ के कारण I-PAC के दफ्तरों पर ED की छापेमारी से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है।