लेडी डाॅक्टर ने कहा,मेरी ड्यूटी खत्म, नहीं करूंगी ऑपरेशन,शिशु की मौत - rashtrmat.com

लेडी डाॅक्टर ने कहा,मेरी ड्यूटी खत्म, नहीं करूंगी ऑपरेशन,शिशु की मौत

राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)।   जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में डाॅ रश्मि बाघमारे ने एक गर्भवती महिला झरना का सीजर ऑपरेशन नहीं किया। उनका कहना था कि मेरी ड्यूटी खत्म हो गयी है। दूसरे डाॅक्टर के आने तक महिला की हालत गंभीर हो गयी। जब उसका ऑपरेशन किया गया तब तक उसके बच्चे की मौत हो गयी थी। आशा कार्यकत्र्ता ने ऑपरेशन के लिए कहा तो उससे अभद्र व्यवहार किया। सीएचएमओ ने घटना की जांच करानेे की बात कही है। वारासिवनी निवासी झरना डहरवाल प्रसूति के लिए ट्रामा सेंटर आयी थी।


वैधानिक कार्रवाई की मांग
महिला चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आशा कार्यकर्ता अनिता जामुनपाने ने महिला चिकित्सक पर बदसलूकी कर अपशब्दों का उपयोग करने के आरोप भी लगाये। इस मामले में आक्रोषित परिजनों ने महिला चिकित्सक रश्मि बाघमारे पर वैधानिक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
महिला चिकित्सक नहीं मिली
वारासिवनी क्षेत्र के ग्राम शेरपार निवासी 20 वर्षीय गर्भवती महिला झरना पति अजय डहरवाल को रात्रि करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा होने के साथ साथ ब्लडिंग भी शुरू हो गई। जिसके बाद परिजनों ने गांव की आशा कार्यकर्ता को सूचना देकर सोमवार की सुबह करीब 6 बजे प्रसूता को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इस इमरजेंसी केस में पहले तो ट्रामा सेंटर में महिला चिकित्सक नहीं मिली। फिर बाद में ब्लड के लिये परिजनों को परेशान होना पड़ा।


डाॅ रश्मि चली गयी
आशा ने बताया कि इमरजेंसी केस होने व समय पर चिकित्सक मौजूद ना मिलने की जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत की गई तो डाॅ रश्मि बागमारे ने प्रसूता को तत्काल ऑपरेशन थिएटर भिजवाया। कुछ देर बाद डाॅक्टर रश्मि बाघमारे ने यह कहकर प्रसूत को वापस कर दिया कि उनकी ड्यूटी खत्म हो गयी है। और बच्चे की धड़कन भी नहीं चल रही है। अब जो मैडम ड्यूटी पर आएगी वही ऑपरेशनकरेंगी। और ऐसा कहते हुए मैडम ट्रामा सेंटर से चली गई।
बीस दिन में दूसरी घटना
ड्यूटी पर आई दूसरी महिला चिकित्सक के द्वारा प्रसूता का सीजर ऑपरेशन कर गर्भ से मृत बच्चे को बाहर निकाला गया। इस मामले में आक्रोशित होते हुए आशा और परिजनों ने लापरवाह महिला चिकित्सक रश्मि बाघमारे पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। इससे पहले 11 नवंबर को भी समय पर ऑपरेशन न होने से किरनापुर की किरण डोंगरे के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। मामले में डाॅ गीता बारमाटे को निलंबित किया गया था।लगातार दो मामलों ने जिला अस्पताल की सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।