राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। रीवा जिले में स्थापित जेपी सीमेंट फैक्ट्री अंतर्गत H.E.W. वर्कशाप कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारे बाजी करते हुए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का अरोप लगाया। प्रबंधक एमके सिंह स्थानीय कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं। अपने रिश्तेदारों को परमानेंट कर देते हैं और स्थानीय लोगों को नौकरी से निकाल देने की धमकी देते हैं। आज प्रबंधन की व्यवस्था से क्षुब्ध होकर एक कर्मचारी अपनी जान देने के लिए विवश हो गया था।

मानसिक प्रताड़ना से परेशान
रीवा जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित जेपी सीमेंट फैक्ट्री एक यूनिट जोकि एचईडब्ल्यू वर्कशाप के नाम से संचालित हो रहा है। यहां एक दिन से काम बंद हड़ताल पर सभी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रबंधना के खिलाफ बैठे हुए हैं। प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश प्रदर्शन कर रहे हैं।सब का एक स्वर में कहना है कि प्रबंधक एम के सिंह मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
आत्मघाती कदम उठा लिया
बता दे कि कल एक कर्मचारी वर्कशाप में लगभग 300 फीट ऊंचाई पर चढ़कर के कूदने का प्रयास कर रहा था। बताया जा रहा है कि प्रबंधन की तानाशाही रवैया से परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर था।लेकिन वर्कशाप पर मौजूद कर्मचारियों की सूझबूझ मैनेजमेंट की समझाइस के बाद युवक नीचे उतरा।

मैनेजमेंट मांगों से मुकर गया
वर्कशाप में मौजूद कर्मचारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि कल जो युवक अपनी जान देने के लिए 300 फीट ऊंचाई पर चढ़ा था मैनेजमेंट के समझाइस के बाद नीचे उतरा और नीचे उतरने के बाद मैनेजमेंट अपनी मांगों से मुकर गया। प्रबंधन को अपने रिश्तोंदारों के सिवा कोई और दिखता नहीं।

जान दे देंगे अब
कर्मचारियों का कहना है कि हमारा परिवार रोड पर आने की कगार पर है। हमें ना तो महीने में पूरी सैलरी मिलती है और ना हमें महीने में पूरी ड्यूटी करने देते हैं। हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। हम लोग प्रबंधन की प्रताड़ना के कारण सभी कर्मचारी काफी परेशान हो गए हैं। इसी परेशानी के कारण हम अपनी जान तक गवाने पर उतर जाएंगे। जब हम अपने घर जाते हैं तो हमें घर पर नींद तक नहीं आई कि कल के खाने की व्यवस्था हम अपने बच्चों को कैसे करेंगे। हमारी यह कंडीशन हो गई है कि हमें अगले दिन का सोचना पड़ता है कि हम अपने बच्चों को क्या खिलाएगें।हमने तय कर लिया है कि जब तक प्रबंधन हमारी मांगे पूरी नहीं करेगा उसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों यह भी कहना है कि अगर हमारी मांगे जल्द से जल्द नहीं पूरी हुई तो हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी फैक्ट्री वर्कशाप प्रबंधन की होगी।