राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।परसवाड़ा विकासखंड की कावेली ग्राम पंचायत में पुलिया और स्टापडेम के लिए राशि स्वीकृत की गयी। निर्माण होना कागजों में बताया गया। लेकिन मौके पर न पुलिया है और न ही स्टापडेम।सरपंच को दोनों निर्माण कार्यो की जानकारी नहीं है। सचिव और एक बिचैलिए ने मिलकर पैसा डकार गए। अब सरपंच इस मामले की जांच की मांग कर रही हैं और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात दोहरा रही हैं।

पुलिया के लिए 18 लाख मंजूर
दरअसल भ्रष्टाचार से जुड़ा यह मामला वर्ष 2025 का है। जब बोदलबहरा से छापरटोला के बीच एक नाले पर स्लैब पुलिया निर्माण कार्य किया गया। यह कार्य जिला गौण खनिज निधि से लगभग 18 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत हुआ था। कागजों में पुलिया और पहुंच मार्ग एप्रोच रोड का निर्माण पूर्ण दशार्या गया। मौके पर पुलिया पर केवल स्लैब डालकर औपचारिकता निभा दी गई है। लेकिन दोनों ओर की एप्रोच सड़क पूरी तरह अधूरी है। जहां अब खरपतवार और झाड़ियां उग आई हैं। समस्या वाली बात यह है कि इस आधे.अधूरे निर्माण से छापरटोला के ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिनके आवागमन की सुविधा के लिए यह पुलिया बनाई गई थी, वे आज भी जान जोखिम में डालकर पगडंडी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं।
मौके पर स्टापडेम नहीं
इसी क्षेत्र में पिछले वर्ष पानी रोकने के उद्देश्य से एक स्टापडेम का निर्माण होना बताया गया था।मौके पर वहां स्टापडेम ही नहीं है। यानी स्टापडेम के नाम पर स्वीकृत राशि को पूरी तरह हड़प लिया गया। इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत की सरपंच रेखा टेकाम ने खुद खुलकर बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सारा निर्माण कार्य पंचायत सचिव और एक बिचैलि देवेश पटले ने किया है। मुझसे केवल कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। मुझे वास्तविक कार्यों की कोई जानकारी नहीं दी गई।
सरपंच को काम की जानकारी नहीं
सरपंच का यह बयान यह प्रमाणित कर रहा है कि पंचायतों में किस तरह जनप्रतिनिधियों को भी अंधेरे में रखकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। सवाल यह है कि जब सरपंच को ही जानकारी नहीं दी गई, तो निर्माण कार्यों की निगरानी किसने की। तकनीकी स्वीकृति और भुगतान किस आधार पर हुआ। अब ग्रामीणों समेत सरपंच महोदया मांग कर रही है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषी सचिव और बिचैलि के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो तथा सरकारी राशि की वसूली की जाए।
कांक्रीट सड़क का निर्माण होना है
इस मामले में चर्चा में सचिव सुनील माना ने बताया कि स्लैप पुलिया की लागत 18 लाख रुपये है। उसका काम पूर्ण हो चुका है। लेकिन छापरटोला तक कांक्रीट सड़क निर्माण का प्रस्ताव गया है। उसका निर्माण होना बाकी है। स्टाप डेम उनके कार्यकाल में निर्माण नहीं हुआ है। देवेश पटले के द्वारा पंचायत में काम दिलवाया जाता है।