राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान बालाघाट एवं वीर अकादमी बालाघाट के संयुक्त तत्वावधान में 22 फरवरी को राष्ट्रीय साहित्य एवं पुरातत्व का 24वां महाभव्य अनुष्ठान गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। पुण्य सलिला वैनगंगा तट पर आयोजित इस एकदिवसीय समारोह में देश के 15 राज्यों से आए 251 विद्वानों साहित्यकारोंए पुरातत्वविदों और समाजसेवियों ने सहभागिता की।
कई किताबों का लोकार्पण
कार्यक्रम का प्रथम चरण प्रातः 11 बजे प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि गोपाल सोनी अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं डाॅ कुमुदिनी द्विवेदी की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान हेतु विद्वानों को वाचस्पति,विद्यासागर एवं अन्य मानद उपाधियों से अलंकृत किया गया। माँ सरस्वती पूजन के पश्चात गंगोत्री वार्षिक पत्रिका का विमोचन हुआ। साथ ही आचार्य डॉण् वीरेन्द्र सिंह गहरवार वीर के व्यंग्य काव्य संग्रह परिदृश्य तथा अन्य कृतियों का लोकार्पण किया गया। वर्तमान परिदृश्य में मातृभाषा एवं अन्य भाषाओं का योगदान विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित हुई।
मुशायरा और कवि सम्मेलन
द्वितीय चरण में नन्हें.मुन्नों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। जहां विधायक अनुभा मुंजारे के करकमलों से संग्रहालय परिसर स्थित नैरोगेज डीजल इंजन बोगी व गार्ड डिब्बे के ऊपर निर्मित टीन शेड का लोकार्पण किया गया। वही तृतीय चरण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा आयोजित हुआ। जिसमें देशभर के कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया। चतुर्थ चरण में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को राष्ट्रीय शिखर,सारस्वत एवं स्वर्णिम रत्न सम्मान प्रदान किए गए। समारोह के अंत में दिवंगत साहित्यकारों को श्रद्धांजलि अर्पित कर आभार प्रदर्शन आचार्य डाॅ वीरेन्द्र सिंह गहरवार वीर ने किया।