राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट की बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण करने की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए उप समिति और जिला स्तरीय समितियां बनाई जाएगी। यह निर्णय नक्सलवाद उन्मूलन में सहयोग और पुनर्वास नीति 2025 के अनुरूप है।साथ ही राज्य के 11 विभागों के 14 अधिनियमों में संशोधन के लिए विधेयक को मंजूरी दी गई है। छोटे उल्लंघनों पर प्रशासनिक दंड का प्रावधान होगा। जिससे न्यायालयों का बोझ कम होगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा मिलेगा।

14 अधिनियमों में संशोधन
यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्री परिषद के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत पुनर्वास नीति 2025 के प्रावधानों के अनुरुप है। पुनर्वास नीति में आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।इसके अलावा विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जनविश्वास अधिनियम 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया।