राष्ट्रमत न्यूज लखनऊ(ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को लखनऊ पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। वह कल रात लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान उन्हें शाहजहांपुर में ट्रेन से उतारा गया और एसटीएफ की टीम उन्हें देवरिया लेकर चली गई। देवरिया में उन पर कुछ दिन पहले केस दर्ज हुआ था। उन्हें जांच में सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तार किया गया है।

रेलवे ने जताई थी गिरफ्तारी की आशंका
बाद में रेलवे ने इस बात के आशंका जताई कि सादी वर्दी में पुलिस के लोग हो सकते हैं फिर अभी सुबह दस बजे लखनऊ स्थित तालकटोरा थाने की पुलिस ने कंफर्म किया अमिताभ ठाकुर पुलिस की हिरासते में हैं।
कौन हैं पूर्व DGP अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर बैच 1992 के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2021 में रिटायरमेंट दे दिया था। आईपीएस बनने के बाद अमिताभ ठाकुर यूपी के कई जिलों के कप्तान रहे हैं।2021 में यूपी सरकार के गृह विभाग ने स्क्रीनिंग में अमिताभ ठाकुर को अनुपयुक्त पाया था जिसके बाद उन्हें रिटायर कर दिया गया। पहले खबर आई कि अमिताभ को किडनैप किया गया है।हालांकि बाद में पत्नी नूतन ठाकुर को लखनऊ पुलिस ने कॉल किया और कहा- हमने उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी का X अकाउंट भी सस्पेंड करा दिया है।
अमिताभ ने एक्शन नहीं लिया
मामला 26 साल पुराना है। उस समय अमिताभ देवरिया SP थे। आरोप है कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स से उनकी पत्नी ने देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट लिया। बाद में उसे बेचकर फायदा कमाया। SP होने के बाद भी अमिताभ ने एक्शन नहीं लिया, बल्कि साथ दिया।इस मामले में 3 महीने पहले लखनऊ में अमिताभ के खिलाफ केस दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने केस को लखनऊ से देवरिया ट्रांसफर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, अमिताभ जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए उनके खिलाफ एक्शन लिया गया।

जल्द ही सबूत दूंगी
नूतन ठाकुर ने कहा- 26 साल पुराना मामला सामान्य सिविल विवाद को अब जबरदस्ती आपराधिक केस में बदला जा रहा है। यह FIR जबरन दर्ज कराई गई। वे जल्द ही सबूत पेश करेंगी और खुद को निर्दोष साबित करूंगी।सितंबर 2025 में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ लखनऊ के तालकटोरा थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। आरोप है कि 1999 में जब वे देवरिया के एसपी थे, तब उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल करके देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट ले लिया। बाद में वही प्लॉट असली नाम से बेचकर फायदा कमाया।