धान उपार्जन केन्द्र खारा के किसान भुगतान के लिए भटक रहे - rashtrmat.com

धान उपार्जन केन्द्र खारा के किसान भुगतान के लिए भटक रहे

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो) । जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव और परिवहन समय पर नहीं होने से व्यवस्था चरमरा गई है। इसका सीधा असर उन किसानों पर पड़ रहा है, जिन्होने समय रहते अपनी उपज तो बेच दी, लेकिन उन्हें अपनी उपज की कीमत नहीं मिल रही है। लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।


खुले आसमान के नीचे धान
किरनापुर विकासखंड के खारा धान उपार्जन केंद्र क्रमांक.01 में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं। जहां जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों से धान का विधिवत परिवहन किया जा रहा है। वहीं खारा केंद्र पर बड़ी मात्रा में धान खुले आसमान के नीचे डंप है। यह स्थिति न केवल परिवहनकर्ता की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जिला प्रशासन की उदासीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही
आंकड़ों के अनुसार खारा केंद्र में 1158 किसानों ने पंजीयन कराया है जिनमें अब तक 1126 किसानों ने स्लाट बुक करने की प्रक्रिया पूरी की और 1117 किसानों ने अपनी उपज धान शासन को विक्रय कर दी है। इस केंद्र पर कुल 57,083 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें से केवल 31,701 क्विंटल धान का ही परिवहन हो सका है। शेष लगभग 25 हजार क्विंटल धान अब भी केंद्र परिसर में डंप है। जिसके जल्द उठाव की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही।
ऐसे में कर्ज लेना पड़ेगा
धान का समय पर परिवहन नहीं होने से जहां किसानों को भुगतान में देरी हो रही है। वहीं खुले में रखी धान के खराब होने का भी खतरा बढ़ गया है। किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए बार.बार उपार्जन केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। प्रशासन कोई ठोस पहल करता दिखाई दे रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द धान का उठाव नहीं हुआ और भुगतान प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई, तो उन्हें आर्थिक समस्या झेलनी पड़ सकती है। क्योकि बेटा.बेटी के विवाह का दौर है। यदि समय रहते परिवहन होगा और धान का भुगतान होगा तो राशि उनके उपयोग में आ सकती है। अन्यथा उन्हे अन्य जगहों से उधार या कर्ज लेना पड़ सकता है।
एक लाख से अधिक किसानों से खरीदी
जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 01 दिसम्बर 2025 से की जा रही है, जो 20 जनवरी 2026 तक चलेगी। चालू सीजन में जिले में अब तक 01 लाख 08 हजार से अधिक किसानो से धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा चुकी है। प्रशासन दावा कर रहा है कि किसानों से खरीदे गए धान का तेजी से उठाव कर गोदामों में पहुंचाया जा रहा है। जहां अब तक 87 प्रतिशत से अधिक धान का परिवहन किया जा चुका है और किसानों को 913 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। लेकिन उपार्जन केंद्र खारा में फैली अव्यवस्था प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है।