राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। अवैध रेत परिवहन के विवाद के चलते बालाघाट पुलिस ने नायब तहसीलदार केशोराव टेकाम और उनके तीन साथियों के खिलाफ 22 दिन बाद मामला दर्ज किया है। नायब तहसीलदार रेत परिवहन करे रहे ट्रेक्टर ट्राली को छोड़ने के एवज में तीस हजार रुपए मांग रहे थे। इसका वीडियो जारी होने पर उन्हें संदेह हुआ कि पत्रकार इंद्रजीत का इसमें हाथ है। वो उसे अपने तीन साथियों के साथ उसके घर धमकाने पहुंच गए थे। पत्रकार की शिकायत के 22 दिन बाद नायब तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में शाम होने के पहले ही कलेक्टर मृणाल मीणा ने किरनापुर के नायब तहसीलदार केशोराव टेकाम को तत्काल प्रभाव से नायब तहसीलदार को ससपेंड कर दिया है।

नायब तहसीलदार टेकाम को संदेह था
दरअसल, मामला रेत से भरे ट्रैक्टर को पकड़ने के बाद लेनदेन से जुड़ा है। 22 सितंबर को नायब तहसीलदार का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे ट्रैक्टर मालिक से तीस हजार रुपए मांगने की बात कर रहे थे। नायब तहसीलदार केशोराव टेकाम को संदेह था कि यह ऑडियो पत्रकार इंद्रजीत दशमेर ने वायरल किया था।इसी संदेह के चलते, 23 सितंबर की अलसुबह लगभग ढाई बजे, नायब तहसीलदार अपने साथियों ओमप्रकाश लिल्हारे, सुनील धुवारे और 3 साथियों के साथ बोलेरो से पत्रकार इंद्रजीत दशमेर के घर पहुंचे थे। पत्रकार ने शिकायत की थी कि वे देर रात बाउंड्रीवॉल फांदकर घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे और आपराधिक घटना को अंजाम देने की मंशा से आए थे।
किरनापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई
इस घटना के बाद पत्रकार इंद्रजीत दशमेर ने किरनापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में मामला दर्ज नहीं किया। इस बीच, कलेक्टर ने नायब तहसीलदार केशोराव टेकाम को निलंबित कर दिया था। पत्रकारों के लगातार दबाव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद अब यह एफआईआर दर्ज की गई है।किरनापुर थाना प्रभारी अशोक निनामा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। यह घटना अवैध रेत परिवहन और उसके बाद हुए विवाद को उजागर करती है।

ट्रेक्टर छुड़ाने के लिए रुपए की मांग
नायब तहसीलदार के रेत के अवैध परिवहन में पकड़े गए ट्रेक्टर ट्राली से जुड़ा था। जिसे नायब तहसीलदार ने पकड़ा था। ओमप्रकाश लिल्हारे के ट्रेक्टर को जब्त कर उसे थाने में खड़ा कराया और ट्रेक्टर छुड़ाने के लिए रुपए की मांग की मांग की। जिसका ऑडियो सामने आने के बाद ऑडियो की जांच के लिए अपर कलेक्टर बालाघाट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। हालांकि इसकी रिपोर्ट में क्या मिला, अभी इसकी जानकारी प्रशासन ने नही दी है।