राष्ट्रमत न्यूज,रीवा (ब्यूरो)। जिले के किसानों के लिए अब अपनी खास पहचान आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना बहुत जरूरी हो गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इसके बिना सरकारी मदद मिलना मुश्किल हो जाएगा। अब हर किसान के पास अपनी ‘फार्मर आईडी’ होना अनिवार्य है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के आदेश पर जिले भर में इसे बनाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। जिन भी लोगों के नाम पर खेती की जमीन है, उन्हें यह आईडी हर हाल में बनवानी होगी ताकि सरकारी योजनाओं का काम पारदर्शी तरीके से चलता रहे।

योजनाओं को लाभ नहीं मिलेगा
अगर कोई किसान यह आईडी नहीं बनवाता है, तो उसे भविष्य में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बिना आईडी के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिलेगा और न ही खाद-बीज पर मिलने वाली छूट का लाभ मिल पाएगा। इसके अलावा, सरकारी मंडी में फसल बेचने, फसल का बीमा कराने और खेती के लिए मिलने वाली अन्य मदद से भी किसान हाथ धो सकते हैं।
आईडी वाले किसानों को मुआवजा
इतना ही नहीं, अगर कभी सूखा, ओलावृष्टि या भारी बारिश से फसल बर्बाद होती है, तो बिना आईडी के मुआवजा मिलना बहुत मुश्किल होगा। साथ ही, बैंकों से खेती के लिए कर्ज (केसीसी) लेने में भी रुकावट आएगी। आने वाले समय में सरकार किसानों के फायदे के लिए जो भी नई योजनाएं लाएगी, उनका लाभ केवल आईडी वाले किसानों को ही दिया जाएगा।