इलाज में देरी होने पर नर्सो से उलझने वाला परिवार माफी मांगा - rashtrmat.com

इलाज में देरी होने पर नर्सो से उलझने वाला परिवार माफी मांगा

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिला अस्पताल के आर्थो वार्ड में मरीज के इलाज में देरी होने पर परिजनों का गुस्सा नर्सो पर उतरा।जिससे स्टाफ नर्से और परिजनो के बीच विवाद हो गया। नर्सो का कहना था कि परिजन लिखित में माफी मांगे तब ही काम पर लौटेंगी।और विरोध प्रदर्शन समाप्त होगा। परिजन ने नर्सो से लिखित में माफी मांग ली और नर्सें काम पर लौट आईं। यह विवाद रविवार शाम इलाज में देरी को लेकर शुरू हुआ था। जो गाली.गलौज और धक्का मुक्की तक पहुंच गया था। घटना के बाद दोनों पक्षों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

परिजनों ने अभद्रता की

सोमवार को विवाद के विरोध में अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने बैठक की और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग थी कि या तो मरीज के परिजनों पर कार्रवाई हो या वे माफी मांगें।स्टाफ नर्स मंजू बिसेन ने बताया कि वे अपनी साथी नर्सों वर्षा रंगारे और भोजवती के साथ मरीज संजय मोहारे को इंजेक्शन लगाने गई थीं, तभी परिजनों ने उनके साथ अभद्रता की।

परिजनों को माफ कर दिया

मामले में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद, मरीज के परिजनों ने अन्य मरीजों के इलाज को देखते हुए नर्सों से माफी मांग ली। माफीनामे के बाद नर्सों ने भी परिजनों को माफ कर दिया और अपनी शिकायत वापस ले ली।

सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

मरीज के परिजन प्रेमशिखर मोहारे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके चाचा को घायल अवस्था में भर्ती कराया गया था और शाम तक उपचार शुरू नहीं हुआ। उनके पिता ने केवल देरी से आने के बारे में पूछा था, जिस पर नर्सें नाराज हो गईं और उन्हें भी भला-बुरा कहने लगीं। मोहारे ने बताया, “अन्य मरीजों के इलाज की खातिर, हमने नर्सेस से अपनी गलती के लिए माफी मांगी है और समझौता कर लिया है।”समझौते के बाद, नर्सों में उपजा नाराजगी का माहौल समाप्त हो गया और वे अपने-अपने वार्ड में लौट गईं। हालांकि, नर्सों ने अपनी प्रमुख मांग दोहराई है कि रात में काम करते समय वार्डों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।