डिप्टीCM के रीवा में फर्जी अस्पताल सजीवनी सीज,चल रहा था डेढ़ बरस से - rashtrmat.com

डिप्टीCM के रीवा में फर्जी अस्पताल सजीवनी सीज,चल रहा था डेढ़ बरस से

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा (ब्यूरो)। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के शहर में फर्जी अस्पताल सजीवन धड़ल्ले से करीब डेढ़ साल से चल रहा था। वैसे गली कूचे में सारे मापदंडों को दरकिनार कर,अस्पताल और नर्सिग होम खुले हुए हैं।जो मृत्यु दाता बने हुए हैं।बगैर पंजीयन के सजीवन अस्पताल चल रहा था,लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनजान बने हुए थे। छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप कांड न होता तो स्थानीय प्रशासन न जागता और अस्पतालों की जांच भी न होती।


बड़े अस्पताल जैसा सजीवनी
संजय गांधी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक डाॅ मुकेश तिवारी की पत्नी के नाम से संजीवन हास्पीटल चल रहा था। यह हास्पीटल बिना पंजीयन और अनुमती के संचालित था। नया बस स्टैण्ड के पास सजीवन हास्पिटल पहली नजर में किसी बड़े अस्पताल जैसा ही है।इस अस्पताल का संचालन संजय गांधी में पदस्थ सहायक प्रध्यापक डाॅ मुकेश तिवारी की पत्नी कर रही थीं। जांच में सामने आया कि अस्पताल के पास न तो वैध पंजीयन था और न ही आवश्यक दस्तावेज।


अस्पताल ओपीडी और एक्सरे
छिंदवाड़ा कांड के बाद अलर्ट मोड पर आया स्वास्थ्य विभाग का अमला जब जांच करने पहुंचा तो पता चला कि भव्य इमारत में चल रहा संजीवनी हास्पिटल एवं चेस्ट केयर सेंटर बिना पंजीयन और विना दस्तावेज के संचालित हो रहा है।जांच टीम ने पाया गया कि यहां ओपीडी, एक्स रे और अन्य जांच सुविधाएं बिना पंजीयन संचालित है। अस्पताल परिसर में ही दवाई दुकान खोली गयी थी।लेकिन वहां कोई फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था जो नियमों के सीधा उल्लंघन है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सजीवन हॉस्पिटल एवं चेस्ट केयर सेंटर को सील कर दिया।


चेतावनी के बाद भी संचालन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो दिन पहले अस्पताल को नोटिस जारी किया था। जांच के लिए अधिकारी भी भेजे थे। लेकिन उस समय अस्पताल प्रबंधन ने टीम के साथ अभद्रता की। इसकी जानकारी कलेक्टर प्रतिभा पाल को दी। सीएचएमओ ने अस्पताल प्रबंधन की अभ्रदता को गंभीरता से लिया। इसके बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दोबारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
अस्पताल सीज किया
कार्रवाई के दौरान एसडीएम डाॅ अनुराग तिवारी, नायब तहसीलदार यतीश शुक्ल, और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे। टीम ने मौके पर पंचनामा बनाया और अस्पताल को सीज कर दिया। वहीं डाॅ मुकेश तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए है।