नक्सली गांव के 403 घरों तक बिजली पहुंची, विद्युतीकरण तेजी से हो रहा - rashtrmat.com

नक्सली गांव के 403 घरों तक बिजली पहुंची, विद्युतीकरण तेजी से हो रहा

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के नक्सली गांवों में विद्युतीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। 30 नवम्बर तक कोई भी गांव बिजली से अछूता नहीं रहेगा।अभी तक अंधेरे में रहने वाले 403 घरों तक बिजली पहुंच गयी है।कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारी बिजली की कमी से जूझ रहे नक्सली गांवों तक बिद्युतीकरण का काम प्रगति पर है।


नक्सली गांव रौशन हुए
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधीक्षण यंत्री अमित कुमार ने बताया कि बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित एवं जनजातीय गांवों की बसाहटों के घरों में विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार के धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सर्वे का कार्य किया गया है। सर्वे के पश्चात जिले के 216 गांवों में 1022 बिजली कनेक्शन के लिए लाईन विस्तार के माध्यम से एवं 78 परिवारों में सोलर के माध्यम से बिजली की रोशनी पहुंचाने का कार्य प्रस्तावित है। इस कार्य पर 01 करोड़ 76 लाख रुपये की राशि खर्च होना है।
विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर
अधीक्षण यंत्री अमित कुमार ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत अब तक परसवाडा विकासखंड के ग्राम आमवाही, बड़गांव, बारिया, चनई, डोरा, फंडकी, घोड़ादेही, केशा,खलोंडी, खर्रा, नाटा, सुकड़ी के कुल 403 जनजातीय परिवारों के घरों में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष ग्रामों में विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य को 30 नवंबर 2025 तक विभाग पूर्ण करेगा।
बिजली आने से ग्रामीण खुश
नक्सल प्रभावित क्षेत्र एवं जनजातीय बहुल ग्रामों के घरों में बिजली पहुंचने से हितग्राही परिवारों के घरों का अंधियारा दूर हुआ है और बिजली की रोशनी उनके जीवन को खुशहाल बना रही है। घर में बिजली पहुंचने से 403 परिवारों के जीवन में भी बदलाव आ रहा है। अब तक उन्हें रात के समय घर में रोशनी के लिए मिट्टी तेल या अन्य साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। किंतु अब बिजली पहुंचने से उनके बच्चे अब रात में भी पढ़ सकेंगे। बिजली से कई जरूरतें पूरी होगी।