डिप्टी CM बोतल का पानी पीते हैं,रीवा को दूषित पानी पिला रहेः सपा - rashtrmat.com

डिप्टी CM बोतल का पानी पीते हैं,रीवा को दूषित पानी पिला रहेः सपा

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट शिव सिंह ने कहा कि प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला को मैं ही नहीं रीवा की पूरी जनता ने कभी नहीं देखा कि वो सप्लाई पानी पीते हैं। उनके यहां आरो लगा है। वो किसी कार्यक्रम में जाएं या फिर किसी के यहां मिलने वहां भी बिसलरी ही पीते हैं। जबकि उनके रीवा की जनता को दूषित पानी पीने को मिलता है। रीवा में करीब तीस फीसदी गंदा पानी सप्लाई होता है। इसके लिए बीजेपी सरकार दोषी है।


डायरिया से चार लाख मौत
सपा नेता शिव सिंह ने कहा आज पूरे देश में सरकार की पानी से जुड़ी सारी योजना में दूषित पानी जनता को मिल रहा है। डायरिया से देश में हर साल चार लाख मौतें होती है। वहीं एक करोड़ अन्य बीमारी से मौत हो जाती है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए सपा नेता शिव ंिसंह ने कहा कि हाल ही में इंदौर, गांधीनगर और दिल्ली में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है। जबकि सैकड़ों लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं।
सरकार के पास प्लान नहीं
शिव सिंह ने केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन और अमृत मिशन योजनाओं को विफल बताते हुए कहा कि ये योजनाएं जनता को सुरक्षित पेयजल देने के बजाय मौत को खुला निमंत्रण दे रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार और शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी शहरों की ओर आ रही है,लेकिन सरकार के पास इस बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप कोई ठोस प्लानिंग नहीं है।


डिप्टी CM सप्लाई का पानी नहीं पीते
सपा नेता ने दावा करते हुए कहा कि किसी मंत्री या मिनिस्टर को डायरिया से मरते नहीं सुना गया। क्योंकि ये लोग सप्लाई का पानी पीते ही नहीं हैं। इनके घरों में महंगी जल शुद्धिकरण मशीनें और स्वास्थ्य जांच की पूरी व्यवस्था रहती है।आरो का पानी पीते हैं।उन्होंने रीवा से विधायक और प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री भी हैं। लेकिन उन्हें कभी सप्लाई का पानी पीते नहीं देखा गया। वो हमेशा महंगा बोतलबंद पानी पीते हैं।

मंत्री,सांसद और MLA दोषी
शिव सिंह ने कहा कि देश में दूषित पानी की आपूर्ति के लिए मंत्री सांसद और विधायक जिम्मेदार हैं, जो पाइपलाइन कंपनियों से कमीशन लेते हैं। इसी वजह से घटिया पाइपलाइन बिछाई जाती हैं जो आगे चलकर फट जाती है। और आम नागरिक दूषित पानी पीने को मजबूर होते हैं।