कफ सिरप का कहर या फिर सिस्टम का जहर,मंत्री बताएं मौत क्यों हुई.. - rashtrmat.com

कफ सिरप का कहर या फिर सिस्टम का जहर,मंत्री बताएं मौत क्यों हुई..

राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल/नई दिल्ली/रायपुर(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश और राजस्थान में कप सिरप कोल्ड्रिफ के कहर ने सवाल खड़ा दिया है कि सिस्टम में जहर क्यों है? मौत के सौदागर मध्यप्रदेश में कौन है? तमिलनाडु ने जब यह सिरप कोल्ड्रिफ बैन है तो फिर मध्यप्रदेश में इसे किसने बेचने का लाइसेंस दे दिया। ड्रग कंट्रोलर की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? उसे निलंबित क्यों नहीं किया गया? उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्वास्थ्य विभाग के सचिव से लेकर मंत्री तक ने अभी तक अपनी जवादारी से मुख क्यों मोड़ कर रखे हैं। विपक्ष 16 मौत पर सवाल खड़ा करेगा ही। जवाब भी स्वास्थ्य मंत्री को देना चाहिए। वैसे इस सिरप को बैन लगाने के लिए सात राज्यों में कार्रवाई चल रही है। केद्र सरकार ने इस मामले में आपात बैठक में क्या निर्णय लेती है,यह अलग मामला है।


सिरप कौल्ड्रिफ कल तक सही क्यों
राजस्थान और मध्य प्रदेश में कथित तौर पर कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की मौत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने शनिवार शाम 4 बजे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों तथा ड्रग कंट्रोलर्स की एक आपात बैठक में कई सवालों किये।सबसे गंभीर मामला यह है कि मध्यप्रदेश के स्वास्थ्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने किस आधार पर कल तक सिरप कौल्ड्रिफ को सही बता रहे थे। प्रदेश के छिंदवाड़ा में 11 बच्चों की मौत हो गयी और अब भी कई जिन्दगी मौत का सामना कर रही हैं।


स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें-कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने भोपाल में प्रदर्शन के दौरान 12 खिलौना बच्चों को बीजेपी के गमछे से फांसी लगाते हुए प्रतीकात्मक रूप से सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाया।प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर जहरीली कफ सिरप की बोतलों के पोस्टर और उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी की।
राजेन्द्र बताएं 11 बच्चे मरे कैसे-जीतू
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा इन मासूमों की मौत के लिए सीधे सीधे प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री दोषी हैं।इनकी गंभीर लापरवाही से मासूमों की जान गयी।हैरानी वाली बात है कि दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।ड्रग कंट्रोलर को कौन बचा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला बताएं कि जिस सिरप को सही बता रहे थे, उससे 11 बच्चों की जान कैसे चली गयी। कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र जीतू पटवारी ने बच्चों की मौतों के लिए सरकारी अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।


चार लाख से मातम खत्म हो जाएगा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार को जब पता था कि सिरप जहरीली है तो इसे बैन पहले क्यों नहीं किया गया। क्या चंदा आड़े आ रहा था? या फिर सरकार मासूमों की मौत का इंतजार कर रही थीा। चार लाख रूपए मुआवजा देने से घर का मातम हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा? इतने गंभीर हादसे के बाद भी सरकार चुप है और दोषियों को बचाया जा रहा है। आखिर बाकी बचे हुए 7 सैंपलों की रिपोर्ट में देरी क्यों हो रही है।मासूमों की मौत के जिम्मेदार अधिकारियों और कफ सिरप निर्माताओं पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। केवल छिंदवाड़ा में ही 11 बच्चे दम तोड़ चुके हैं। मौतों का यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है क्योंकि अनेक बच्चे अभी भी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


डाॅ प्रवीण ने किया था इलाज
दो राज्यों में मासूमों की मौत के बाद तमिलनाडु की श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। छिंदवाड़ा में जिन 11 बच्चों की मौत हुई उन सभी का डाॅ प्रवीण सोनी ने ही इलाज किया था। डाॅक्टर सोनी ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखा, जिसे उनकी पत्नी की मेडिकल दुकान से खरीदा गया था।


कोल्ड्रिफ कफ सिरप बैन की तैयारी
बहरहाल यूपी,राजस्थान,छत्तीसगढ़ में कोल्ड्रिफ कफ सिरप को बैन करने की तैयारी चल रही है।ड्रग कंट्रोलर दीपक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कोल्ड्रिफ कफ सिरप को लेकर सघन जांच जारी है। सभी जिले के ड्रग इंस्पेक्टर को सतर्क कर दिया गया है। सभी ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल दुकान और अस्पतालों में जाकर जांच करेंगे। और कहीं मिला तो कार्रवाई किया जाएगा।वहीं रीवा में कोरेक्स किराना दुकानों में जरूरत के समान की तरह बिक रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री का राजनीतिक जिला कोरेक्स सिटी बन गया है। पुलिस छोटे-छोटे विक्रताओं को पकड़ कर अपने होने का एहसास दिलाती रहती है।जबकि रीवा जिले का 80 फीसदी युवा पीढ़ी कोरेक्स की आदी हो गयी है।इस धंधे में सत्ता पक्ष के ज्यादा लिप्त हैं। कोल्ड्रिफ कफ सिरप जब बैन कर दिया गया है तो कोरेक्स को स्वास्थ्य मंत्री बैन क्यों नहीं कर रहे हैं,यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल है।