CG में ठगी के जुर्म में कांग्रेस विधायक गिरफ्तार,रहेंगे जेल में - rashtrmat.com

CG में ठगी के जुर्म में कांग्रेस विधायक गिरफ्तार,रहेंगे जेल में

राष्ट्रमत न्यूज,बिलासपुर(ब्यूरो)।  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर किसान से जुड़ा आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सुर्खियों में है। जांजगीर-चांपा जिला में पुलिस ने किसान से लाखों रुपये की ठगी के आरोप में जैजैपुर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है शुक्रवार को पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर चालान कोर्ट में पेश किया। चालान स्वीकार होने के बाद सीजेएम न्यायालय ने जेल वारंट जारी किया। इसके बाद आरोपी विधायक ने उसी अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बालेश्वर साहू को जिला जेल दाखिल कराया। विधायक साहू को 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल में रहना होगा।

किन धाराओं में दर्ज है मामला

बालेश्वर साहू के खिलाफ चांपा थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। ये धाराएं धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी हैं।

बयान के आधार पर जांच पूरी की

पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय ने इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की थी। जांच की जिम्मेदारी सीएसपी योगिता बाली खापर्डे, जांजगीर थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय और चांपा थाना के उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा को सौंपी गई थी। टीम ने दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर जांच पूरी की।

42.78 लाख की ठगी का आरोप

पुलिस के अनुसार, मामला वर्ष 2015 से 2020 के बीच का है, जब बालेश्वर साहू सहकारी बैंक बम्हनीडीह में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अपने अधीनस्थ गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान राजकुमार शर्मा से किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर 42.78 लाख रुपये की राशि निकाल ली। कांग्रेस विधायक की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बता रहा है, वहीं आम लोग इस कार्रवाई को किसानों के हित में उठाया गया सख्त कदम मान रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और आगे भी निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।

 कैसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा 

किसान का कहना है कि 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे, वहीं गौतम राठौर उस समय विक्रेता के पद पर काम कर रहा था। दोनों ने मिलकर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा दिया और इस बहाने उससे 10 ब्लैंक चेक ले लिए। साथ ही एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते भी खुलवाए। इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर, दोनों ने धीरे-धीरे मिलाकर 42 लाख 78 हजार रुपए किसान के खातों से निकाल लिए। शुरुआत में 15 जनवरी 2015 को पहली बार 51 हजार रुपए की निकासी की गई थी। इसके बाद रकम धीरे-धीरे बढ़ती गई। बालेश्वर साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए।
2020 में सामने आई सच्चाई
किसान को इस मामले की जानकारी तब हुई, जब 2020 में एचडीएफसी बैंक चांपा से उसे कॉल आया और पूछा गया कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी है। यह सुनकर किसान के होश उड़ गए। वो तुरंत बैंक जाकर डिटेल निकाला और जब सच्चाई सामने आई तो बालेश्वर साहू के पास पहुंचा।उस समय बालेश्वर साहू ने 6 महीने के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। इसी दौरान विधानसभा चुनाव हुआ और सहयोगी गौतम राठौर ने रकम को चुनावी खर्च बताया। पैसा वापस मांगने पर दोनों टालमटोल करने लगे।