राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। जो काम आरटीओ विभाग को करना चाहिए, वो काम यातायात पुलिस ने किया। आज नये बस स्टैण्ड और पुराने बस स्टैण्ड के आस पास रहने वालों को बसों के प्रेशर हाॅर्न से निजात दिलाया। कई बसों का चालान काटा गया।बस स्टैण्ड के आस पास रहने वालों का कहना है कि आरटीओ विभाग को चाहिए कि जिन बसों में प्रेशर हाॅर्न हैं ,उनका एक दिन का परमिट रद्द कर देना चाहिए। केवल चालान कटने से कुछ नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट की अवमानना
सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले फैसला सुनाते हुए कहा था कि प्रेशर हाॅर्न पर प्रतिबंध जरूरी है। बस स्टैण्ड ही नहीं अन्य स्थानों पर रहवासियों की नींद पर खलल डालते हैं। साथ तेज वाहन से बीपी भी बढ़ सकता है। लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं तेज हाॅर्न वाले वाहन। बावजूद इसके बस आपरेटर और वाहन चालक रीवा में खुलेआम सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करते आ रहे हैं।
एक दिन परमिट रद्द करें
स्थानीय रहवासी हेमंत शर्मा ने कहा कि बस स्टैंड व्यापारी संघ और गोलपार्क कृषि व्यापारी संघ ने कई बार यातायात थाना प्रभारी को लिखित शिकायत की मगर कार्रवाई की पहल कभी नहीं की गयी। अब कार्रवाई की गयी है लेकिन यह प्रक्रिया सतत हो तो तभी प्रेशर हाॅर्न से निजात मिलेगा। यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी कोई नहीं मानता। कायदे से जिन बसों मे प्रेशर हाॅर्न है, केवल चालान ही न काटा जाए बल्कि एक दो दिन के लिए थाने में बस खड़ी कर दी जाए। आरटीओ वालों को चाहिए कि उनका एक दिन का परमिट कैसल कर दें।

अत्याधिक शोर से हृदय रोग -डाॅ त्रिपाठी
संजय गांधी अस्तपाल के सीएमओ डाॅ यत्नेश त्रिपाठी कहते हैं प्रेशर हाॅर्न से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। सुनने की क्षमता में कमी,उच्च रक्तचाप,तनाव,चिड़चिड़ा और नींद की समस्याएं शामिल है।अत्याधिक शोर से हृदय रोग और अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती है। 55 डीबी से अधिक ध्वनि प्रदूषण से मानसिक तनाव में व्यक्ति आ जाता है।
देखा गया है और सुना गया है कि बस म्यूजिकल प्रेशर हाॅर्न बजाते हुए बस स्टैण्ड से निकलते हैं। रास्ते भर बजाते हैं। बस स्टैण्ड के आस- पास रहने वालों को प्रेशर हाॅर्न से सबसे अधिक परेशानी होती है। बस आपरेटर न दिन देखते हैं और न रात, वो बस स्टैण्ड पहुंचते और निकलते वक्त देर तक बजाते हैं।

नींद में खलल डालते हैं
चिकित्सक भी मानते हैं तेज प्रेशर हाॅर्न स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं होते।बस स्टैण्ड के रहवासियों का कहना है कि सुबह 4 बजे से देर रात तक लगातार बसों में बजने वाले तेज प्रेशर हार्न से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की नींद पर खलल पड़ता है।

हिदायत दी पुलिस ने
पुलिस ने जयस्तंभ चौराहे पर बसों को रोककर उनकी जांच की और जांच के दौरान प्रेशर हार्न को जब्त किया। चलानी कार्यवाही कर प्रेशर हार्न का उपयोग न करने की हिदायत दी। यातायात पुलिस ने बसों की चेकिंग की। प्रेशर हार्न मिलने पर उन्हें जब्त किया। साथ ही चलान भी काटे। थाना प्रभारी ने बताया लगातार तेज हार्न की शिकायत मिल रही थी।जिसके चलते आज यह कार्यवाही की गयी है। लगातार जारी रहेगी। साथ हो चार पहिया वाहन, ब्लैक फिल्म, दो पहिया वाहन, हेलमेट आदि की भी जांच की जा रही है।