BJP MLA नागेन्द्र सिंह ने कहा,CMHO भ्रष्ट,निशाने पर डिप्टी CM - rashtrmat.com

BJP MLA नागेन्द्र सिंह ने कहा,CMHO भ्रष्ट,निशाने पर डिप्टी CM

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। रीवा जिले के गुढ़ विधान सभा के भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.संजीव शुक्ला को दो टुक कहा कि वे भ्रष्ट हैं। विधायक ने इनके खिलाफ मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव को पत्र लिखा है। उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।जाहिर सी बात है कि विधायक के इस आरोप से निशाने पर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला हैं। देखना यह होगा कि डिप्टी सीएम अब क्या करते हैं।


पत्र नागेन्द्र का, निशाने पर राजेन्द्र
विधायक नागेन्द्र सिंह का पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.संजीव शुक्ला के खिलाफ वायरल होते ही राजनाीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी। अभी तक कांग्रेस ही इनके खिलाफ आवाज उठाती रही है,लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया है। लेकिन विधायक नागेन्द्र सिंह के पत्र के बाद से यह माना जा रहा है कि यह सीधे स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ हमला है। प्रशासनिक जगत में भी इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।


पत्र में लगाए गंभीर आरोप
28 अक्टूबर को लिखे गए और 1 नवंबर को सार्वजनिक हुए पत्र में विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा है कि उन्हें जनपद सदस्य और समाजसेवी रमाकांत त्रिपाठी द्वारा विस्तृत शिकायत सौंपी गई है। जिसमें डाॅ संजीव शुक्ला पर निम्न गंभीर आरोप लगाए गए हैं लगाए गए आरापों से जाहिर है कि स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला का इन्हें संरक्षण मिला हुआ है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र से जाहिर सी बात है कि अब डिप्टी सीएम पर उंगली बीजेपी विधायक ने उठा कर यह संकेत दे दिया है कि बीजेपी के अंदर सब ठीक नहीं है।


एक नजर आरोपों पर
प्राइवेट क्लिनिक और नर्सिंग होम का नियम विरुद्ध पंजीयन।
आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती में मनमानी।
चिकित्सकीय स्टाफ का अवैध संलग्नीकरण।
दवा और उपकरण खरीदी में भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन।
सीआरएम भ्रमण बजट में गड़बड़ी और धन का बंदरबांट।
विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि ये सभी बिंदु तथ्यपरक और लोकहित से जुड़े हैं। इसलिए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
परदर्शिता बेहद जरूरी
गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह का कहना है कि जनहित से जुड़े मामले को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। कोई भी व्यक्ति हो यदि वो जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल कर रहा है तो आवाज उठाना ही पड़ेगा जनप्रतिनिधि को। वैसे भी जनता के पैसों से चलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता जरूरी है।