राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के नक्सल प्रभावित एवं ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को मल्टीनेशनल कंपनियों में प्रशिक्षण के लिए रवाना किया गया है। बालाघाट जिला प्रशासन के प्रयासों से 3500 से अधिक युवाओं का चयन किया गया है। इनमें से 200 युवाओं को प्रथम चरण में 05 अक्टूबर को टाटा इलेक्ट्रानिक में जाॅब के लिए बैंगलोर एवं टाटा मोटर्स में जाॅब के लिए अहमदाबाद रवाना किया गया। ये युवा टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा मोटर्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में काम करेंगे। इनमें 100 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु और अहमदाबाद भेजा गया है।

आईफोन बनाने का प्रशिक्षण
कलेक्टर मृणाल मीणा ने बताया कि यह 5 अक्टूबर को प्रथम चरण में 200 युवाओं को रवाना किया गया है। जिले के ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार दिलाने के लिए प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से प्रयास किए हैं। कुल मिलाकर, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा मोटर्स, एलएंडटी, रेमंड और अन्य कंपनियों में 3500 से अधिक युवाओं का चयन हुआ है, जिनमें 1500 से अधिक युवतियां शामिल हैं।टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में चयनित युवा आईफोन बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह कंपनी मोबाइल फोन निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी है।इन सभी युवाओं को 15 से 25 हजार रुपए मासिक का रोजगार मिलने जा रहा है।

जीवन स्तर भी बेहतर होगा
बेंगलुरु और अहमदाबाद जा रहे योगिता पंचतिलक और निखिल राहंगडाले जैसे युवाओं ने इस अवसर को अपने जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। कलेक्टर मीणा ने यह भी बताया कि चयनित युवाओं की काउंसलिंग की गई, उनकी आवश्यकताओं और परेशानियों को समझा गया और उनका निराकरण किया गया। प्रशासन का मानना है कि इन युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिलने से न केवल उनका भविष्य संवरेगा, बल्कि उनके परिवारों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।
महिला सशक्तिकरण
इन युवाओं को सांदीपनी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्चुअली रवाना किया गया। प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने ऑनलाइन माध्यम से हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर आयोग सदस्य मौसम हरिनखेड़े, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, नपाध्यक्ष भारती ठाकुर, महिला नेत्री लता एलकर, पूर्व नपाध्यक्ष रमेश रंगलानी, वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यनारायण अग्रवाल, आशीष मिश्रा, तपेश असाटी, कलेक्टर मृणाल मीणा और एसडीएम गोपाल सोनी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।जिले के युवाओं को रोजगार मिलने से जिले की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। रोजगार के लिए चयनित युवाओं में 1500 से अधिक बालिकाओं की संख्या बता रही है कि बालाघाट जिले महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।