राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश और राजस्थान में खांसी की सिरप से जुड़ी मौत ने पूरे मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। दोनों राज्यों से अब तक 11 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। जहाँ बच्चों की मौतों को एक कफ सिरप से जोड़ा गया है।हैरानी वाली बात है कि बालाघाट का स्वास्थ्य विभाग कफ सिरप को लेकर गंभीर नहीं है। उसके पास स्टाक की भी कोई जानकारी नहीं है।

छिंदवाड़ा में मौत की शुरूआत
दरअसल कोल्डरीफ व नेक्सट्रो डीएस सिरप से बच्चे की मौत की कहानी छिंदवाड़ा जिले से शुरू हुई और मरने वालों की संख्या मे धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। जहाँ पिछले लगभग 30 दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहुच गया है। जबकि राजस्थान में 2 बच्चों की मौत दर्ज की गई। इस तरह कुल 11 मौतों के बाद सरकार की नोडल एजेंसी राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने जांच तेज कर दी है। जिसे लेकर 5 सदस्यों की टीम बनाई गई है।

जांच कार्यवाही ठप
कफ सिरफ से बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग मे हड़कंप तो मच गया है,लेकिन बालाघाट का स्वास्थ्य महकमा अभी भी सोया हुआ है। इस मामले को लेकर बालाघाट जिला गंभीर नहीं है। यह इसलिए क्योकि कोल्डरीफ व नेक्सट्रो डीएस सिरप के स्टाक को लेकर बालाघाट स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी ही नहीं है। हालांकि इस संबंध में मेडिकल स्टोर्स संचालको को पत्र भेजा गया है। लेकिन अभी तक मेडिकल स्टोर्स में किसी भी प्रकार की जांच कार्यवाही शुरू नही की गई है।
अभी कोई जानकारी नहीं
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के ड्रग इंस्पेक्टर स्वपनिल सिंह को भोपाल कार्यालय से जारी पत्र के परिपालन में छिंदवाडा जांच दल में शामिल होने भेजा गया है।वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी परेश उपलप ने कहा कि अभी उनके पास कोई जानकारी नही है।हालाकि उन्होने यह जरूर बताया कि विभाग के द्वारा कोल्डरिफ कफ सिरप बैंच नंबर एसआर13 एवं नेक्सट्रो डीएस संस्पेंशन बैंच नंबर एक्यूडी 2559 के स्टाक संबंधित जानकारी के लिए मेडिकल स्टोर्स संचालकों को पत्र भेजे जाने की बताई गई है।

इनका कहना है
हमारे डीआई छिंदवाडा में हैं। छिंदवाडा मामले में उनकी ड्यूटी लगी है। हमने समस्त मेडिकल स्टोर्स को पत्र जारी किया हैं कि कोल्डरिफ कफ सिरप एवं नेक्सट्रो डीएस को तत्काल विक्रय पर रोक लगाई जाये। जिले में अभी स्टाक की जानकारी नहीं है। लेकिन जानकारी ली जा रही है। इसमें नेशनल टीम जांच कर रही है। अभी उसकी भी लैब रिपोर्ट नही आई है। हालांकि इससे कीडनी पर असर पड़ना बताया जा रहा है। जहां एहतियात के तौर पर इस सिरप पर प्रतिबंद्ध लगा दिया गया है।
परेश उपलप,सीएचएमओ बालाघाट