राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले में निवास करने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे है। कलेक्टर मृणाल मीना के प्रयासो से शासन द्वारा बैगा बच्चों के लिए बालाघाट एवं बैहर में 04 सीनियर छात्रावासो की मंजूरी प्रदान की गई है। प्रत्येक छात्रावास भवन 04 करोड़ 04 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इन छात्रावासो के लिए जमीन उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

आगे लाने का सुझाव
बैगा जनजाति के बच्चों के लिए बालाघाट में 50 सीटर सीनियर कन्या छात्रावास व 50 सीटर सीनियर बालक छात्रावास तथा बैहर में 50 सीटर सीनियर कन्या छात्रावास व 50 सीटर सीनियर बालक छात्रावास की मंजूरी प्रदान की गई है। इन छात्रावासो में बैगा जनजाति के कक्षा 06 से 12वीं तक के बच्चों को रखा जाएगा और उन्हें अंग्रेजी माध्यम के साथ ही विज्ञान विषय की शिक्षा दिलायी जाएगी। जनपद पंचायत बैहर की बैगा जनजाति की जनपद सदस्य सगनी बाई 14 अक्टूबर को बैगा समुदाय के लोगो के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची थी। कलेक्टर मीना से उन्होंने बैगा जनजाति की शिक्षा एवं विकास पर चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर मीना ने उन्हें बैगा जनजाति के बच्चों को पढ़ाई के लिए आगे लाने का सुझाव दिया। जिला प्रशासन बैगा बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद करेगा।
चार छात्रावासों की मंजूरी मिली
जनपद सदस्य सगनी बाई सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शकुंतला डामोर से मिलने भी पहुंची थी। इस दौरान श्रीमती डामोर ने उनसे कहा कि बैगा जनजाति के 200 बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए हमें उपलब्ध कराए। हम उन बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराएंगे और उन्हें विज्ञान विषयों की शिक्षा दिलाएंगे। जिले में बैगा जनजाति के बच्चों के लिए 04 छात्रावासो की मंजूरी मिल गई है।