राष्ट्रमत न्यूज बीजापुर(बीजापुर)। प्रदेश के सबसे बड़े संगठन अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रांत संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर के समस्त कर्मचारियों के साथ बीजापुर में भी चारों विकासखंड में कर्मचारी हड़ताल पर हैं।यह हड़ताल 29 से 31 दिसंबर तक है। आज हड़ताल का अंतिम दिन है। मोदी की गारंटी लागू नहीं किये जाने से कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष है।

मोदी की गारंटी के नाम पर
जिसके संबंध में मांग पत्र ज्ञापन जिला संयोजक के.डी.राय, जिला अध्यक्ष मो. ज़ाकिर खान, वन कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष विश्वनाथ मांझी, लिपिक संघ प्रमुख महेन्द्र राणा, मासाराम कड़ियाम, सचेता मिंज,वाहन चालक संघ प्रमुख कुर्रे, चतुर्थ वर्ग संघ के मोतीराम एवं अन्य साथियों के नेतृत्व में 11 सूत्रीय मांग पत्र माननीय मुख्यमंत्री छ. ग. शासन एवं मुख्य सचिव के नाम जिला कलेक्टर बीजापुर के माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों सहित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गबेल को सौंपा। संघ द्वारा पूर्व में 18 जून 2025 को मोदी की गारंटी के नाम पर कर्मचारियों के लिए की गई घोषणा को लागू करने हेतु ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपा गया था ।
3 दिवसीय हड़ताल की घोषणा
दूसरे चरण में 1 दिवसीय धरना प्रदर्शन सभी जिला मुख्यालय में किया गया लेकिन मांगों के सम्बन्ध में निराकरण नहीं होने के कारण क्षुब्ध होकर पूरे प्रदेश में पुनः 3 दिवसीय हड़ताल की घोषणा की एवं ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपने का प्रांतीय पदाधिकारियों ने निर्णय लिया जिसके परिपालन में भोपालपटनम में कर्मचारियों ने ब्लॉक संरक्षक सुधाकर, अध्यक्ष कमलसिंह कोर्राम, शेख मकबूल, संदीप राज पामभोई, एटला श्रीनिवास, मंडावी सर, नक्का कृष्णा, डी.देस के नेतृत्व में रैली निकालकर अनुविभागीय अधिकारी यशवंत नाग को सौंपा।
सभी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति
रैली में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष बीरा राजबाबू, संगठन सचिव मनोज कोंड्रा,राजस्व पटवारी संघ जिला अध्यक्ष शंकरलाल कतलाम, पंचायत सचिव संघ जिला अध्यक्ष डी.माधवराव,फेडरेशन की महिला उपाध्यक्ष रेशमा गोड्ढे सम्मिलित हुए। रैली से पूर्व धरना स्थल पर जिले से पधारे नेतृत्व का उद्बोधन हुआ जहां पर कर्मचारी भवन निर्माण के लिए बीरा राजबाबू द्वारा 5 हजार रु, कतलाम द्वारा 2 हजार रु, रेशमा ने 1500 रु और माधव ने 1 हजार सहयोग राशि देने की मंच से घोषणा की। 11 सूत्रीय मांग में छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति देय तिथि से मंहगाई भत्ता तथा पेंशनरों को महंगाई राहत दिया जावे व डी ए एरियर्स की राशि जी पी एफ खाते में समायोजित किया जावे। केंद्रीय कर्मचारियों एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के कर्मचारियों की भांति सेवानिवृत्ति पर छत्तीसगढ़ शासन के कर्मचारियों को भी 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण आदेश जारी किया जाए।
प्रदेश के अनुकंपा नियुक्ति की 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति के सभी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति किया जाए, कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति 65 वर्ष की जाए, भाजपा शासित अन्य राज्यों की भांति छत्तीसगढ़ में भी कैसलेस सुविधा दी जाए जैसे कर्मचारी हित के मुद्दे शामिल हैं।