राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट (ब्यूरो)। कलेक्टर मृणाल मीना ने 07 जनवरी को कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर मीना ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में कहीं पर भी पराली जलाने की घटना नही होना चाहिए। यदि कहीं पर भी पराली जलाने की घटना होती है तो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वह दोषी व्यक्ति के विरूद्ध जुर्माने एवं एफआईआर की कार्यवाही कराए। सेटेलाईट से पराली जलाये जाने की घटना पर निगरानी रखी जा रही है। लांजी क्षेत्र में पराली जलाने की घटना पर कार्यवाही नही किये जाने के लिए वहां के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी का 05 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये गए। इसके साथ ही उपसंचालक कृषि को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गए।
धान का रकबा कम किया जाए
बैठक में बताया गया कि किसानों को उर्वरक सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए आने वाले समय में ई-टोकन जारी किये जाएंगे, इसके लिए किसानों की फार्मर आईडी का होना अनिवार्य है। ई-टोकन ऑनलाईन जारी होंगे और इसी के आधार पर किसानों को उनकी समिति से उर्वरक का वितरण होगा। कलेक्टर मीना ने इस व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक तैयारियॉ शीघ्रता से पूरी करने और किसानों को इस व्यवस्था से अवगत कराने के निर्देश दिये। चालू रबी सीजन में लगायी जाने वाली फसलों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि रबी सीजन में धान का रकबा कम किया जाए और किसानों को रबी सीजन में धान की बजाय कम पानी में पकने वाली अन्य फसले लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
लक्ष्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र सुपर सीडर, बेलर, हैप्पी सीडर एवं स्मार्ट सीडर के उपयोग को प्रोत्साहित करने कहा गया। इसके लिए जिले में अनुदान पर इन यंत्रों के वितरण का लक्ष्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर मीना ने लक्ष्य के अनुरूप इन यंत्रों के प्रकरण तैयार नही करने और बैंको को प्रेषित नही किये जाने पर नाराजगी जाहिर की और कृषि अभियांत्रिकी के अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जे-फार्म एप्प पर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिये गए। इसके साथ ही जिले की सभी 10 प्रयोगशालाओं से लक्ष्य के अनुरूप मिट्टी परीक्षण कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करने के निर्देश दिये गए।