राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में हाल ही में संसद में पारित विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 (वीबी-जी राम-जी) को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। यह विधेयक महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लेगा। विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए सुरक्षा कवच है। इसे समाप्त कर नया कानून लाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति
रविवार को कांग्रेस ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना देकर इस विधेयक का विरोध किया।धरना प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाया। हालांकि, इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए। मीडिया द्वारा इस संबंध में पूछे गए सवालों पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और बैहर विधायक संजय उईके संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं दे सके, जिससे कार्यक्रम की गंभीरता और संगठनात्मक मजबूती को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। धरना आंदोलन में बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे, वारासिवनी विधायक विवेक पटेल, बैहर विधायक और कांग्रेस अध्यक्ष संजय उईके, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हीना कावरे सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
BJP पर रोजगार खत्म करने आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष विधायक संजय उईके ने बताया कि भाजपा कोई नई योजना नहीं ला रही है, बल्कि कांग्रेस द्वारा बनाई गई अधिकार-आधारित योजनाओं का नाम बदल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने योजनाओं को अधिकार-आधारित बनाकर रोजगार का सृजन किया था, जबकि भाजपा रोजगार खत्म करने का काम कर रही है।
उपज का सही दाम नहीं मिल रहा
उईके ने आगे कहा कि भाजपा केवल लाभार्थी-केंद्रित योजनाएं लाकर शासन करना चाहती है। उन्होंने देश में किसानों की समस्याओं का भी जिक्र किया, जहां उन्हें उपज का सही दाम और समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है।उन्होंने कहा कि किसान एमएसपी की गारंटी चाहते हैं, लेकिन भाजपा सरकार में खेती से किसान हताश हैं। देश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है; भर्तियां निकल रही हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण युवाओं को नियुक्तियां नहीं मिल पा रही हैं।
कांग्रेस ने कई गारंटी दी
उईके ने कहा कि कांग्रेस ने देश को शिक्षा, भोजन, रोजगार, खाद, सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी दी थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार कांग्रेस सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर अपनी वाहवाही कर रही है। उईके ने यह भी आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के विचारों को मानने का दावा करने वाली भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ती है, जो भाजपा की कथनी और करनी को उजागर करता है।
मनरेगा केवल एक योजना नहीं
धरने में मौजूद बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए सुरक्षा कवच है। इसे समाप्त कर नया कानून लाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सड़क से संसद तक इस विधेयक का विरोध करेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।वारासिवनी विधायक विवेक पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम का उपयोग केवल प्रतीकात्मक रूप से करती है, जबकि उनके विचारों और सिद्धांतों से उसे कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर भाजपा सरकार अपनी मानसिकता उजागर कर रही है।