राष्ट्रमत न्यूज बीजापुर(ब्यूरो)। नक्सल प्रभावित जिला बीजापुर में नक्सली वारदात कम हो गयी है। यह मान लिया गया है कि नक्सलियों के लीडरों के सरेंडर करने से नक्सलवाद खत्म हो गया है। लेकिन ऐसा लगता है कि स्थानीय आदिवासी जो नक्सली बन गए हैं उनकी संख्या बहुत है। वो अभी मुख्यधारा में लौटने को तैयार नहीं हुए हैं। वो प्रेशर बम के जरिये दहशत का खेल खेल रहे हैं। थाना गंगालूर अंतर्गत ग्राम कोरचोली में माओवादियों के लगा प्रेशर आईईडी की चपेट में गांव का एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़का आ गया है। विस्फोट से गांाव का एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया।वो जंगल की ओर गया था। घटना रविवार सुबह की है।

पैर में गंभीर चोट
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कोरचोली नदीपारा निवासी राम पोटाम पिता स्वण् लच्छु पोटाम उम्र 15 वर्ष 05 जनवरी 2026 की सुबह लेंड्रा कोरचोली जंगल क्षेत्र की ओर गया था। इसी दौरान वह माओवादियों द्वारा पूर्व से लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आ गया। जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई।
जिला अस्पताल रेफर
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल बालक को 222वीं बटालियन कैम्प कोरचोली में प्राथमिक उपचार दिया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल बीजापुर रेफर किया गया है।इधर घटना के बाद सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है तथा संभावित स्थानों पर आईइडी निष्क्रियकरण की कार्रवाई भी की जा रही है। ताकि भविष्य में फिर ऐसा कोई हादसा न हो।
पुलिस ने जारी की अपील
सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगल एवं दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध वस्तुएं,या सामग्री की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा सुरक्षा कैम्प को दें। छूएं नहीं।