राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। कलेक्टर प्रतिभा पाटिल और डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला की सियासत के खिलाफ सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने अदावत की खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मैं किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाता,लेकिन मेरे सेमरिया विधान सभा की जनता के खिलाफ अन्याय होगा तो मैं चुप नहीं बैठूंगा। अत्याचार नहीं सहूंगा। मैं राजनीति में ईमानदार हूं। ठेकेदारी अपनी जगह है। कलेक्टर और डिप्टी सीएम के सारे काले कारनामे के दस्तावेज मेरे पास हैं। मीडिया के समक्ष रखनेे में सकोच नहीं करूंगा। अपने दल से बात करूंगा। और बहुत जल्द बीस हजार जनता के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

कार्यशैली और नियत ठीक नहीं
सेमरिया विधानसभा के विधायक अभय मिश्रा ने छह घंटे तक उपवास और मौन धरना कलेक्ट्रेट में देने केे बाद अपना मौन व्रत तोड़ने के बाद कहा कि मैं अत्याचार नहीं सहूंगा। मैं राजनीति में ईमानदार हूूं। ठेकेदारी अपनी जगह है। मैं जो बात विधान सभा में कहता हूं वही यहां भी कहता हूं। कलेक्टर प्रतिभा पाटिल और डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ मै व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहा हूं,लेकिन इनकी कार्य शैली और नियत अच्छी नहीं है। किसी दिन मुझे झूठा साबित करने की कोशिश करेंगे तो मैं तो सारे दस्तावेज पेश कर दूंगा। सामान्य प्रशासन के जो नियम बने हैं और निर्देश हैं, उसे मानेंगे या फिर यहां के सीएम(राजेन्द्र शुक्ला) का और कलेक्टर का। कलेक्टर एक तरफा काम कर रही हैं।

प्रतिभा के लिए शुक्ला ही CM
राष्ट्रमत से चर्चा के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर प्रतिभा पाटिल को कई बार कहा कि सेमरिया विधान सभा में अवैध उत्खनन हो रहा है बावजूद इसके वो डिप्टी सीएम के कहने पर अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगा रही हैं। डाॅ मोहन यादव को कलेक्टर प्रतिभा पाटिल सीएम नहीं मानती है। वो डिप्टी CM को ही CM मानती हैं। मेरा विरोध न सरकार के खिलाफ है और न कलेक्टर के खिलाफ और न ही डिप्टी CM के खिलाफ है।मेरा विरोध व्यवस्था की कार्य शैली से।
जल्द कांग्रेस घेराव करेगी
विधायक ने कहा कि मैं सब जानता हूं। सब के काले कारनामे जानता हूं। सबके खिलाफ मेरे पास साक्ष्य हैं। मैं इन लोगों की तरह नहीं हूं। मैं राजनीति में ईमानदार हूं। बेईमान हीं हूं। कोई नहीं कह सकता कि मैं राजनीति में भ्रष्ट हूं। ठेकेदारी अपनी जगह है। लेकिन मेरी सेमरिया विधान सभा की जनता के साथ जो हो रहा है,मैं नहीं सहूंगा। मैं अत्याचार नहीं सहूंगा। इनकी नियत अच्छी नहीं। इनकी कार्य शैली ठीक नहीं है। मैं अपने दल में बात करूंगा। बिजली बिल के लिए छांट छांट कर टारगेट बनाया जा रहा है। हम बहुत जल्द बीस हजार जनता के साथ इनका घेराव करेंगे।

पत्रकारों की जमीन बेच दी
बलवंत सिंह की जहां मूर्ति है वहां पत्रकारों के लिए भवन बनना चाहिए,सरकारीर प्रेस की जमीन बेच दी गयी। पत्रकारों के साथ अन्याय किया जा रहा है। रीवा में जमीन बेचने का खेल हो रहा है। करोड़ों की जमीन औने पौने दाम पर बेची जा रही है। आखिर कब तक कांग्रेस चुप बैठेगी। हम इनकी कार्य शैली का विरोध खुल कर विरोध करेंगे। शांत नहीं बैठेंगे।
मौन धरने पर बैठे क्यों
विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि मैं सेमरिया विधान सभा का विधायक हूं। कलेक्टर किसी भी बैठक की सूचना नहीं देती हैं। कोई पत्र नहीं भेजती। जान बूझकर प्रशासनिक बैठकों की सूचना नहीं दी जाती है। समीक्षा बैठक 29 सितम्बर को हुई थी,जिसकी सूचना न पत्र के जरिये और न ही फोन पर दी गयी।जब अन्य सांसदों और विधायक को बुलाया गया तो फिर मुझे क्यों नहीं बुलाया गया।राजनीति भेदभाव ठीक बात नहीं है। इससे पहले सीएस जे.एन.कसोटिया की बैठक में भी उनके साथ यही व्यवहार किया गया। मेरे विधान सभा में विकास काम पूरी तरह ठप कर दिया गया है।क्षेत्र में खाद्यान वितरण, बिजली, पानी और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों के काम रोक दिये गये हैं।यह सेमरिया की जनता के साथ प्रशासन अन्याय कर रहा है।
कलेक्टर का नजरिया ठीक नहीं
विधायक ने कहा कि मैं उसी दिन समझ गया जिस दिन चुनाव का परिणाम आया। कलेक्टर प्रतिभा पाटिल मुझे छह घंटे तक अनावश्यक रोक रखी थीं। निर्वाचन प्रमाण नहीं दिया था।जब तक सेमरिया के साथ भेदभाव का बर्ताव जारी रहेगा मेरा विरोध भी जारी रहेगा।
सियासी भिड़ंत की सियासत
डिप्टी CM राजेन्द्र शुक्ला और कलेक्टर प्रतिभा पाटिल के खिलाफ विधायक अभय मिश्रा की सियासी भिड़ंत की तपिश थमने से रही,यह फैलेगी। प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने में दो माह हैं। सत्ता और विपक्ष की रस्साकशी से विधायक अभय मिश्रा सियासी नुकसान होने से रहा,लेकिन इससे कलेक्टर प्रतिभा पाटिल और डिप्टी सीएम की छवि पर असर पड़ेगा। कलेक्टर प्रतिभा पाटिल इंदौर की कलेक्टर बनने की इच्छा रखती हैं,कोशिश भी कर रही हैं,लेकिन लगता है अभय मिश्रा के आरोप और प्रदर्शन से उनकी इच्छा मुकम्मल नहीं होगी।वो सियासत की जो चाल चल रही हैं आने वाले समय में उनके पासे उनके खिलाफ भी पड़ सकते हैं। किसी दिन अभय मिश्रा ने कलेक्टर प्रतिभा के खिलाफ मीडिया के सामने उनके काले कारनामे के दस्तावेज पेश किया तो बड़ी भद्द डिप्टी CM और कलेक्टर की होगी। अभय की दोनों को चुनौती है कि उन्हें वो दागदार साबित कर के बताएं। वैसे दोनों की सियासत शाख पर थरथराते पत्ते सी है। किसकी ठसक मात खायेगी, यह देखने वाली बात होगी।