राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें नहीं होने की वजह से उन्नति थम गयी है। कुछ जगह सड़कें हैं,लेकिन वो पर्याप्त नहीं है। लांजी क्षेत्र के डाबरी से चैरिया,चिलोरा,घोटी मार्ग बारिश के दिनों में पूरी तरह से कट चुका है। प्रशासन अब तक इसकी मरम्मत करता आया था। लेकिन इस बार नहीं किया तो ग्रामीण,शिक्षक और वन कर्मियों ने आपसी सहयोग,श्रमदान और चंदा कर सड़कें बना कर प्रशासन के गाल पर तमाचा मार दिया। अपने बूत ग्रमाीणों ने उन्नति की सड़कें बना डाली।कुछ स्थानों पर जेसीबी मशीन की भी मदद ली गयी।

जहां चाह, वहां राह
इस बार भारी बारिश के कारण डाबरी,चोरिया,चिलोरा,घोटी मार्ग से आना जाना दुभर हो गया था। लोगो को भारी परेशानियां उठानी पड़ती थी। लांजी से चैरिया जैतपुरी, बिलालकसा, बकरकट्टा,पितकोना,दर्रेकसा, डाबरी,लातरी, सोधनडोंगरी, मुंडा, तुम्मा आदि गांव के ग्रामीणो और शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों पचांयत कर्मियों तथा वन विभाग के कर्मचारियों ने खराब सड़क से निजात पाने के लिए स्चयं श्रमदान कर रास्ता सुगम कर लिया।जबकि इस मार्ग की खराब स्थिति से प्रशासन को अवगत भी कराया गया,लेकिन कोई पहल प्रशासन की ओर से नहीं किया गया।
खराब मार्ग की तस्वीर बदल गयी
ग्रामीण निराश नहीं हुए। उन्होंनेे शासकीय कर्मचारियों के सहयोग से दरेकसा और चोरिया पंचायत की पहल पर तीन दिनों के अथक प्रयास से चिलौरा से चोरिया तक लगभग दूरी 10 किलोमीटर क्षतिग्रस्त घाटी वाली सड़क का मरम्मत कार्य किया। अब उक्त मार्ग की तस्वीर कुछ बदली बदली नजर आ रही है और अब राहगीरों को आवागमन में काफी सहूलियत भी मिल रही है।