राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 19 हजार 287 करोड़ 32 लाख रुपए का है, जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी। इसके साथ ही सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया।कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गंदे पानी की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे।

तो गाय कटनी बंद हो जाएगी
वहीं कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का संकल्प पेश किया। उन्होंने कहा कि हर धर्म का सम्मान होना चाहिए। गाय के अवशेषों के व्यापार पर रोक लगनी चाहिए। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मस्जिदों में मुल्ला-मौलवियों से कसम करवा दी जाए तो गाय कटनी बंद हो जाएगी।
मंत्री गलत बयान दे रहे
विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि उनके क्षेत्र के हालात बेहद खराब है, लोग रोजगार के लिए राजस्थान और गुजरात पलायन कर रहे हैं, घरों पर ताले लगे हैं, जबकि विधानसभा में मंत्री गलत बयान दे रहे हैं।
रेबीज वैक्सीन सिर्फ कागजों में
भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि शहर में 10 हजार डॉग बाइट के मामले आए हैं, छोटे-छोटे बच्चों तक को कुत्ते काट रहे हैं और मौतें भी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा उन्होंने सदन में उठाया था। उन्होंने सवाल किया कि जब कुत्तों को रेबीज वैक्सीन लग रही है तो लोगों में बीमारी का खतरा क्यों बना हुआ है। क्या वैक्सीनेशन सही तरीके से नहीं हो रहा या सिर्फ कागजों में दिखाया जा रहा है।

गंदे पानी की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे
सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गंदे पानी की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे। उज्जैन के तराना से विधायक महेश परमार ने सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला सदन में उठा
कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए।वाल्मीकि ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण अधूरा नहीं छोड़ा जाना चाहिए था, बल्कि पूरा पढ़ा जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 की कार्ययोजना स्पष्ट रूप से नहीं बताई जाती, सिर्फ उपलब्धियां गिनाई जाती है। सदन में यह भी बताया जाना चाहिए कि 2047 तक सरकार क्या लक्ष्य हासिल करेगी और जनता को क्या देने वाली है।