रीवा में PHE वालों की वजह से 30 फीसदी गंदा पानी जा रहाः मेयर - rashtrmat.com

रीवा में PHE वालों की वजह से 30 फीसदी गंदा पानी जा रहाः मेयर

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। रीवा नगर पालिक निगम के महापौर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि शहर के कुल छह वार्डो में गंदा पानी जा रहा है। इसलिए कि यहां पानी का प्रेशर लो है। वार्ड 11,12,13,14,15-16 में गंदा पानी की शिकायत सीएम हेल्प लाइन में भी की गयी है। जहां गंदा पानी जाता है,वहां 15-20 मिनट के बाद साफ पानी आने लगता है। इसके लिए हमारा विभाग भी दोषी है। संवदाकारों ने नालियों के निर्माण में गलती की है। जहां पानी की पाइप लाइन जा रही है,वहां नालियां बना दी गयी। पाइप कट जाने पर उसे रिपेयरिंग करने की बजाए उसे कपड़े पन्नी आदि से बांध देते थे।पीएचई वालों की वजह से 30 फीसदी गंदा पानी जा रहा है।


टेलीफोन वालों ने अधिक नुकसान किया
महापौर ने इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुई मौत के बाद प्रेस कांफ्रेस में यह बात कही।उन्होंने कहा कि टेलीफोन वालों ने हमारे शहर की पाइप लाइनों को बहुत क्षति पहुंचाए। हमने पनाल्टी भी लगाए। एक करोड़ रुपए उनसे वसूले। वो अक्सर रात्रि में अपनी मशीान से सड़ाकें को खोदते थे और पाइप लाइन को क्षति पहुंचा देते थे। उसे रिपेयर भी नहीं करते थ।
योजना के अनुसार पैसा नहीं
मेयर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि इंदौर जैसी घटना न हो सीवरेज और पीएचई वालों का तालमेल रहे। इसके लिए आज इनके साथ बैठक हुई है। चोरहटा,निपनिया में पानी टंकी बन रही है। मेरे पास जो योजना है उसके अनुसार पैसा नहीं है। हमने शासन से 90 करोड़ रुपए मांगे थे।नहीं दिया गया। हमने कहा 50 करोड़ ही दे दो।बाकी की राशि नगर निगम से एडजस्ट कर लेंगे।सच्चाई यह है कि2007 से 2019 तक के पैसे का सदुपयोग नहीं हुआ। आज हमने 70 फीसद काम व्यवस्थित कर लिया है।


460 कि.मी.पाइप लाइन बिछाएंगे
पानी हमारी पहली प्राथमिकता कल भी थी और आज भी है। पीएचई ने जो पाइप लाइन बिछाया है उसकी वजह से 30 फीसदी गंदा पानी जा रहा हैै। शहर में 30-40 वर्षो से पुरानी पाइप लाइन कई वार्डो में पड़ी है उससे बदलना जरूरी है। प्रदेश में योजना के अनुसार पैसा नहीं दिया जाता। पैसे के अनुसार योजना बनती है। हमारी योजना थी 18 पानी टंकी बनाने की लेकिन पैसा कम मिलने की वजह से 12 टंकियां ही बनी। हम चाहते हैं शासन से बढ़तें शहर के मुताबिक बजट दिया जाए तो काम भी हो। 460 किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाना है। 40-50 साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलना है।
रीवा में इंदौर जैसी घटना नहीं होगी
महापौर ने बताया इन सबके बावजूद इंदौर जैसी घटना रीवा में न हो इसके लिए नगर निगम ने अभी से कमर कस ली है। उन्होंने कहा स्वास्थ्य, जलप्रदाय, स्वच्छता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। सिद्धार्थ,एस एन द्विवेदी सीएमआर संविदाकार की मानीटरिंग काम कर रही है। पन्द्रह अन्य कर्मचारियों का लगा दिया गया है। महापौर अजय मिश्रा बाबा ने स्पष्ट कहा कि पेयजल की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी जल स्रोतों की नियमित जांच टंकियों की सफाई, पाइपलाइन लीकेज की तत्काल मरम्मत और क्लोरीनेशन की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने नालियों की नियमित सफाई तथा कचरा प्रबंधन में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


अमृत 2 के लिए 131 करोड़ की योजना
महापौर ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम की टीमें फील्ड में उतरकर सतत निरीक्षण करेंगी और आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। मेरे पास तीन महीने से तीनों फिल्टर प्लांट का अपडेट रोज आता है। हम पानी में ब्लीचिंग का इस्तेमाल नहीं कर रहे है। क्लोरीन गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमृत योजना 2 के लिए 133 करोड़ रुपए की योजना है। जीएसटी सहित 151 करोड़ की योजना है।