राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले के सैकड़ों परिवारों के लिए साल का अंतिम दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। जिन मोबाइल फोनों के गुम हो जाने से चेहरों की मुस्कान छिन गई थी वही मुस्कान बालाघाट पुलिस ने साल के आखिरी दिन फिर से लौटा दी। सीईआईआर पोर्टल की मदद से बालाघाट पुलिस ने वर्ष 2025 में कुल 572 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये है। अंतिम दिन 34 लाख के 170 गुम धारकों को वापस किये गए।

फोनों को बरामद किया
बालाघाट साइबर पुलिस ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से इन गुम हुए मोबाइलों का पता लगाया। साइबर सेल ने विभिन्न स्थानों से इन फोनों को बरामद किया। बुधवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमित्त उपाध्याय ने विधिवत प्रक्रिया के बाद मोबाइल धारकों को उनके फोन सौंपे। इस दौरान सीएसपी वैशाली सिंह कराहलिया, थाना प्रभारी कामेश धुमकेती और साइबर सेल प्रभारी अभिलाष मिश्रा भी उपस्थित थे।
गुम हुए मोबाइल की सूचना दे
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमित्त उपाध्याय ने बताया कि साइबर पुलिस ने CEIR पोर्टल की सहायता से 170 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 34 लाख रुपये है। इस अवसर पर 40 आवेदकों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए।उपाध्याय ने यह भी बताया कि CEIR पोर्टल आधुनिक तकनीक का उपयोग कर गुम हुए मोबाइल फोन खोजने का एक प्रभावी माध्यम है। नागरिक ceir.gov.in पर, मोबाइल के ट्रैकर सिस्टम के माध्यम से, या साइबर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके गुम हुए मोबाइल की सूचना दे सकते हैं।
साइबर की घटनाओं में तेजी
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में घबराएं नहीं। तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें। इस अभियान में साइबर सेल प्रभारी अभिलाष मिश्रा, आरक्षक मेघा तिवारी, चांदनी शांडिल्य, शिखा मिसारे सहित जिले के विभिन्न थानों के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नववर्ष के अवसर पर पुलिस ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा को लेकर भी सतर्क किया है। पुलिस ने चेताया है कि हैप्पी न्यू ईयर जैसे अज्ञात संदेशों में आने वाले संदिग्ध लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, क्योंकि इनके जरिए साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।