बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है-अमित शाह - rashtrmat.com

बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है-अमित शाह

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह में हर घर रोशन प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 को देश नक्सल मुक्त होगा। नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे थे। इससे बस्तर का विकास रुका था। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं।

बस्तर को विकसित संभाग बनाएंगे

शाह ने कहा कि अगले 5 साल में हम बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाएंगे। बस्तर के लोगों को घर-घर बिजली मिलेगी। हर घर में पानी पहुंचाने का काम किया जाएगा। विकसित बस्तर की संस्कृति दुनिया भर में सबसे खूबसूरत है।शाह ने कहा कि अब हर व्यक्ति के घर में सुविधाएं होंगी। 5 किमी के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधा होगी। वन उपज के लिए प्रोसेसिंग के लिए यूनिट लगेंगे। बस्तर के जिले डेरी के माध्यम से दुग्ध उत्पादन करेंगे। बस्तर के अंदर नई इंडस्ट्री, अस्पताल समेत अन्य चीजें लगेंगी।

बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।

भारत को नक्सलमुक्त कराना है

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है।

नक्सलवाद आखिरी सांस ले रहा

मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद आखिरी सांस ले रहा है। नक्सलवाद जल्द ही खत्म हो जाएगा। गृहमंत्री शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 तक की डेडलाइन तय की है, जो छत्तीसगढ़ के लिए खुशी का पल है।बस्तर ओलिंपिक कार्यक्रम में अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। मंच पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, CM साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह समेत नेता मंत्री मौजूद हैं।