राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) नीति 2026 लागू कर दी है। पिछली कैबिनेट ने सीबीजी नीति को हरी झंडी दी थी। इसके बाद इस नीति को लागू किया गया है। इस नीति में नगरीय निकायों की अहम भूमिका होगी।

जैविक कचरे से कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन
नई नीति के तहत गोबर, कृषि अवशेष, पराली और अन्य जैविक कचरे से कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और निवेश के नए अवसर भी बढ़ेंगे। वहीं निवेशकों को नई औद्योगिक नीति के तहत छूट जारी की जाएगी।
जानें इस नीति के फायदें
आम लोगों को पराली जलाने और जैविक कचरे से होने वाले प्रदूषण में कमी मिलेगी स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार सृजित होंगे। स्थानीय स्तर पर उद्योग लगने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। हरित ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी। जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी। कचरा प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी। कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।वोफीडस्टॉक पर मंडी शुल्क से राहत मिलेगी। सिंगल विंडो क्लीयरेंस से अनुमतियों की प्रक्रिया आसान होगी। भूमि और आधारभूत सुविधाओं के विकास में सहयोग मिलेगा। किसानों को बिजली शुल्क एवं अन्य प्रोत्साहन मिलेंगे।