कुंए की जहरीली गैस जान की दुश्मन बनी,चार दिन में चार मौत - rashtrmat.com

कुंए की जहरीली गैस जान की दुश्मन बनी,चार दिन में चार मौत

राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले में कुओं में फैली जहरीली गैस लोगों की जान की दुश्मन बन गयी है। बीते चार दिनों के भीतर चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जिले के रजेगांव, भरवेली के मरारीटोला और किरनापुर क्षेत्र के पीपरटोला में हुई तीन अलग.अलग घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में एक महिला और तीन किसानों की दम घुटने से मौत हो गई।जबकि एक किसान समय रहते बाहर निकाल लिए जाने से बच गया। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से बिना सुरक्षा उपकरण और गैस परीक्षण के कुएं में नहीं उतरने की अपील की है।

जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी से दोनों की मौत हो गई।
पचास फीट गहरे कुंए में महिला मरी
कुंए से जहरीली गैस रिसाव की पहली घटना 6 जुलाई की शाम करीब 5 बजे रजेगांव में हुई। जहां एक महिला की 50 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। लगभग दो घंटे तक चले अभियान के बाद टीम ने शाम करीब 7 बजे महिला का शव सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया।
एक मृत दूसरा गंभीर
दूसरी बडी घटना 7 जुलाई की शाम करीब 4.30 बजे भरवेली थाना क्षेत्र के ग्राम मरारीटोला में खेत के कुएं में डूब रही विद्युत मोटर निकालने के दौरान हुई। सबसे पहले युवराज मसखरे कुएं में उतरे लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के लिए पड़ोसी किसान अशोक पिता मेहतर कावरे भी कुएं में उतरे लेकिन वो भी जहरीली गैस के कारण अचेत होकर गिर पड़े। खेत में मौजूद भतीजे नरेश ने जान जोखिम में डालकर रस्सी की मदद से दोनों को बाहर निकाला। जहां उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने अशोक कावरे को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं युवराज मसखरे की हालत खतरे से बाहर है और उनका उपचार घर पर चल रहा है।


दो मौत खेत के कुंए में
तीसरी घटना 9 जुलाई की शाम किरनापुर क्षेत्र के ग्राम पीपरटोला में हुई। खेत के कुएं में मोटर से पानी नहीं आने पर उसकी जांच करने के लिए महेश चैधरी उम्र 50 ग्राम पीपरटोला निवासी कुएं में उतरे। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उन्हें बचाने के उद्देश्य से युवराज बिसेन पिता चंदन बिसेन उम्र 55 वर्ष ग्राम पीपरटोला निवासी भी कुएं में उतर गए। लेकिन कुएं में जहरीली गैस और आॅक्सीजन की कमी के कारण दोनों की मौके पर ही दम घुटने से मौत हो गई।

देर रात शव को बाहर निकाला गया।
प्रशासन की अपील कुंए में न उतरें
जान जोखिम में डालकर तीनों घटनाओं में जिला होमगार्ड की रेस्क्यू टीम ने साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाया। सहायक उपनिरीक्षक महेश कुमार उइके के नेतृत्व में जवानों ने ब्रीदिंग अपरेटस सेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से जहरीली गैस से भरे कुओं में उतरकर शवों को सुरक्षित बाहर निकाला है। फिलहाल प्रशासनिक अमला बार बार अपील कर रही है कि बारिश के दिनो में कोई भी किसान व मैकेनिक कुएं में ना उतरे।